साइबर ठगों को एक और चोट, एफआईआर में नहीं दिखेगें पूरे नंबर

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Edited By Amrit Vichar
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यूपी कॉप ऐप पर दिखने वाली एफआईआर में बदलाव, दिखेंगे सिर्फ शुरुआती चार नंबर, छिपेंगे शेष छह अंक

योगेश शर्मा, अमृत विचार । साइबर ठगों ने शायद ही कोई तरीका छोड़ा हो जिससे उनके लिए ठगी के रास्ते आसान न हों पर पुलिस भी इन ठगों से कई कदम आगे है। पुलिस विभाग के नए कदम ने ठगों की राह मुश्किल कर दी है। नई पहल यह है कि विभागीय एप यूपी काप पर दिखने वाली एफआईआर में अब वादी, लेखक और आरोपी का पूरा नंबर नहीं दिखेगा, आखिर के छह अंक छिपा दिए जाएंगे, केवल शुरुआत के चार अंक ही दिखाई देंगे। इस कदम से पुलिस व विवेचक बनकर ठगी करने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा, वहीं विभाग की छवि धूमिल नहीं हो सकेगी। 

बताते चलें कि पुलिस विभाग का यूपी काप एप न सिर्फ विभाग के लिए बल्कि पीड़ितों के लिए काफी कारगर है। इस एप पर गुजरे दिन जिले भर के थानों में हुई एफआईआर डाउनलोड कर उसका विवरण देखा जा सकता है। वह चाहे जिस जिले की हो या फिर किसी भी थाने की हो। इस एफआईआर में वादी, लेखक व आरोपी का मोबाइल नंबर भी पड़ जाता था जो सहूलियत के लिए था पर साइबर ठगों की इस पर नजर पड़ गई और अपना नंबर डालकर एफआईआर डाउनलोड कर उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों के सहारे वादी व आरोपियों को काल करनी शुरू कर दी, वह भी विवेचक या पुलिस अधिकारी बनकर। यह ठग पीड़ित को फोन करके उनके ऊपर ही कार्रवाई करने की धमकी देते या केस को और मजबूत बनाने के लिए एफआईआर में धाराओं को बढ़ाने का लालच परोसते।

उसके बाद दबाव बनाते हुए उनसे अपने अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कराने के लिए कहते थे। एफआईआर में पीड़ित का मोबाइल नंबर होने से उनके लिए राह आसान हो गई। ऐसे कई मामलों व शिकायतों को देखते हुए पुलिस विभाग ने निर्णय लिया कि एफआईआर में अब वादी, पीड़ित तथा रिपोर्ट लेखक के मोबाइल नंबर के शुरुआत के चार अंक ही दिखेंगे, बाकी के छह नंबरों को छिपा दिया जाएगा। इस पहल पर अमल भी शुरु हो गया है। इस कदम से साइबर ठगों को एक और चोट पहुंची है। स्थानीय साइबर सेल के प्रभारी एवं निरीक्षक विजयवीर सिंह सिरोही ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि साइबर ठगों पर लगाम लगाने के लिए ही यूपी काप एप पर दिखने वाली एफआईआर में वादी, पीड़ित आदि के मोबाइल नंबर के शुरुआती अंक ही दिखेंगे। इससे ठगी के मामलों में कमी आएगी साथ ही नंबर हाथ लगते ही ठगी करने का धंधा बंद होगा।

 

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