बरेली: दूध में पानी और डिटर्जेंट मिलावट की घर में करें पहचान
बरेली, अमृत विचार। दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की लोग शिकायत तो करते हैं फिर भी मिलावटी सामान भी खरीद लेते हैं। लोगों को बिना मिलावट का दूध व अन्य सामान खरीदना है तो उन्हें इसके लिए बस छोटा सा प्रयोग करना होगा। यह प्रयोग किसी लैब में नहीं बल्कि अपने घर में ही …
बरेली, अमृत विचार। दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की लोग शिकायत तो करते हैं फिर भी मिलावटी सामान भी खरीद लेते हैं। लोगों को बिना मिलावट का दूध व अन्य सामान खरीदना है तो उन्हें इसके लिए बस छोटा सा प्रयोग करना होगा। यह प्रयोग किसी लैब में नहीं बल्कि अपने घर में ही कर सकते हैं। मामूली प्रयोग से मिलावट का आसानी से पता लगा सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा लोगों को इसके बारे में पंफलेट, बुकलेट और वेबसाइट पर ऑनलाइन जारी करके जागरूक किया जा रहा है। ‘अमृत विचार’ भी विभाग के द्वारा बताई गई जानकारी के अनुसार शहरवासियों को इन प्रयोगों के बारे में जानकारी दे रहा है ताकि लोग शुद्ध दूध खरीदें। यही नहीं, शुद्ध दूध से वे अपने घर में दूध से बनने वाली शुद्ध खाद्य सामग्री भी बना सकते हैं। घर में मिठाइयां भी बना सकते हैं।
टेस्ट-1: दूध में पानी कैसे पहचाने
दूध की बूंद को चिकनी तिरछी जगह पर डालें। यदि दूध धीरे-धीरे एक सफेद निशान छोड़े तो समझें दूध शुद्ध है। यदि बिना निशान छोड़े दूध बह जाए तो समझो मिलावट है।
टेस्ट-2: ऐसे करें दूध में डिटर्जेंट की पहचान
पांच से 10 मिली लीटर दूध में इतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं। दोनों को हिलाकर मिला दें। यदि दूध में मिलावट होगी तो गाढ़ा झाग बनेगा।
टेस्ट-3: दूध, खोया, छेना, पनीर में स्टार्च की जांच करें
दो से तीन मिली लीटर सैंपल को पांच मिली लीटर पानी में उबालें। ठंडा होने पर दो से तीन ड्रॉप टिंचर आयोडीन मिलाएं। मिलावट होने पर नीला रंग होगा, इससे पता चलेगा कि दूध में स्टार्च मिला है।
टेस्ट-4: घी और बटर में मेस्ड आलू और स्टार्च की मिलावट पकड़ें
आधा चम्मच घी या बटर पारदर्शी गिलास में लें। दो से तीन ड्राप टिंचर आयोडीन की मिलाएं। नीला रंग होना मिलावट का संकेत है। इसका मतलब है कि उसमें आलू या स्टार्च मिलाया गया है।
“दूध, दही, घी, बटर व अन्य में मिलावट को रोकने के लिए विभाग लगातार सैंपल लेकर कार्रवाई करता है। लोगों को शुद्धता की पहचान के लिए जागरूक भी किया जाता है। लोग घरों में भी छोटे प्रयोग कर मिलावट पकड़ सकते हैं।” -धर्मराज मिश्रा, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
