बाराबंकी में एआरवी लगने के बाद भी मरीज में रैबीज वायरस की पुष्टि : अजीब हरकतें कर रहा मरीज, परिजन परेशान

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Edited By Amrit Vichar
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प्रभारी बोले, इस तरह की हरकतों की वजह एआरवी नहीं 

त्रिवेदीगंज, बाराबंकी: अमृत विचार। पागल कुत्ते के काटने के बाद पीड़ित ने एंटी रैबीज इंजेक्शन का कोर्स पूरा कर लिया, इसके बाद भी पीड़ित को आराम मिलने के बजाए उसकी हालत और बिगड़ गई। उसकी अजीबोगरीब हरकतें देख परिजनों ने सिविल अस्पताल में दिखाया, जहां पीड़ित के शरीर में रैबीज के वायरस होने की पुष्टि हुई। फिलहाल उसे बंद कमरे में रखा जा रहा। सीएचसी अधीक्षक के अनुसार पीड़ित को यह दिक्कत किसी अन्य बीमारी के कारण भी हो सकती है।


लोनीकटरा थाना क्षेत्र के नरेंद्रपुर मदरहा गांव राम नारायण ने बताया कि उनके बड़े भाई राम उजागर को बीती 21 अगस्त को गांव के बाहर पागल कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद उन्हें सीएचसी त्रिवेदीगंज पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया गया। पीड़ित बीते पांच दिन से अजीबोगरीब हरकतें करने लगा है। जैसे कि पानी देख कर डरना, धूप देख अंधेरे में छुप जाना। यह हरकतें देख उसे 23 सितम्बर को पुनः सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें बाराबंकी रेफर कर दिया गया। इस बीच उन्हे लखनऊ सिविल अस्पताल में आकस्मिक चिकित्सक को दिखाया गया, जहां बताया गया कि पीड़ित के शरीर में रैबीज के वायरस हैं यह कहकर मरीज को वापस कर दिया गया। परिजन बताते हैं कि तीन दिन से पीड़ित कमरे में बन्द है, खाना पानी बंद है।

उल्लेखनीय है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिवेदीगंज पर प्रशिक्षण के लिए एक दर्जन से ज्यादा बीफार्मा व डीफार्मा डिग्रीधारी लोग ही चिकित्सक के निर्देशानुसार इंजेक्शन एवं दवाएं वितरण का काम कर रहे हैं। एक चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वास्तव में इस तरह की समस्याएं प्रशिक्षण प्राप्त करने आए लोगों के कारण उत्पन्न हुई है। इस बारे में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डा. हरप्रीत सिंह ने बताया कि मरीज को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगे हैं। वह जो हरकतें कर रहा है, उसकी जांच के बाद ही पता चलेगा कि उसे क्या बीमारी है। यह हरकतें कई बीमारियों में होती है।

 

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