अयोध्या की भूल भुलइया: गुम हुए तो कर्मचारी करेंगे गाइड, दीपोत्सव तक होगी संचालित, देखें Video

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सत्य प्रकाश, अयोध्या, अमृत विचार। रामायण प्रसंग में शामिल माता सीता की खोज की थीम पर नगर में एक शीशे की भूल-भुलइया तैयार कराई गई है। बेनीगंज क्षेत्र स्थित जलकल कार्यालय में आरके इंटरप्राइजेज के द्वारा 1400 स्क्वायर फीट में तीन करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से तैयार यह भूल-भुलइया दीपोत्सव तक लोकार्पित की जाएगी।

दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र होगा। योगी सरकार ने रामनगरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक दर्जन से अधिक योजनाएं संचालित की हैं। इसी क्रम में नगर निगम की पहल से पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए शीशे की भूल भुलाइया को तैयार किया गया है।

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कंपनी के डायरेक्टर शरद शाश्वत ने बताया कि स्टेट स्मार्ट सिटी योजना के माध्यम से इसका निर्माण कराया गया है, जिसे मिरर बेस्ट सीता जी की खोज का नाम दिया गया है। इसके अंदर जाने के बाद बाहर निकलने के लिए रास्ता खोजना होगा। इसके लिए अंदर शीशे के अलग-अलग चैंबर्स बनाए गए हैं।

एक बार में 20 लोग करेंगे प्रवेश

भूल भुलइया नगर निगम के द्वारा संचालित किया जायेगा। इसमें एक बार में 20 लोग ही प्रवेश कर सकेंगे। प्रतिदिन सुबह 10 से रात में 8:00 तक ही संचालित होगा। इस भूल भुलइया में एक व्यक्ति अधिकतम 8 से 10 मिनट तक रह सकता है। अगर किसी को इसके अंदर रास्ता नहीं मिलता है और वह भूल गया है तो उसको कंपनी के कर्मी गाइड करेंगे।

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आध्यात्मिक के साथ रोमांचक भी

नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि यह योजना अयोध्या वासियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। इससे लोगों को इस बात का बोध कराया जाएगा कि उस समय कैसी परिस्थितियां रही होंगी जब हनुमान जी माता सीता की खोज के लिए गए थे। अपने आप में यह योजना धार्मिक आध्यात्मिक के साथ मनोरंजक और रोमांचक भी है। अभी किराया तय नहीं हुआ है। दीपोत्सव के पूर्व ही शहर वासियों को इस योजना की सौगात मिलेगी।

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