लखनऊ: राष्ट्रीयकृत मार्गों को निजी ऑपरेटरों को देने के खिलाफ रोडवेज यूनियनें एकजुट
लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से राष्ट्रीयकृत मार्गों को निजी ऑपरेटरों को देने के खिलाफ रोडवेज यूनियनें एकजुट हो रही हैं। सरकार के निजीकरण की मंशा के खिलाफ रणनीति तैयार की जा रही है। जिसके तहत रोडवेज में कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा बनाया गया है। मोर्चा की बैठक में 13 सूत्रीय …
लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से राष्ट्रीयकृत मार्गों को निजी ऑपरेटरों को देने के खिलाफ रोडवेज यूनियनें एकजुट हो रही हैं। सरकार के निजीकरण की मंशा के खिलाफ रणनीति तैयार की जा रही है। जिसके तहत रोडवेज में कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा बनाया गया है।
मोर्चा की बैठक में 13 सूत्रीय मांगों का एजेंडा तैयार किया गया है। जिसका एक नोटिस प्रमुख सचिव परिवहन को दिया गया है। नोटिस में 24 नवंबर तक मांगों पर निर्णय लिए जाने की मांग की गई है।
उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के अंतर्गत कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा बनाया गया है। जिसमें रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, उप्र रोडवेज कर्मचारी संघ, सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ व रोडवेज मजदूर सभा को शामिल किया गया है।
एजेंडे में परिषद के महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र, कर्मचारी संघ के महामंत्री रमाकांत सचान, वर्कशाप कर्मचारी संघ के महामंत्री जसवंत सिंह व मजदूर सभा के अध्यक्ष जयवीर सिंह की ओर से नोटिस भेजा गया है। जिसमें रोडवेज के अस्तित्व को समाप्त करने की साजिश के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने और लंबित मांगों को पूरा करने की 15 दिन का चेतावनी नोटिस दिया है।
