हजारों नर्सों की नहीं हो रही सुनवाई, प्रधानमंत्री को लिखा गया पत्र, जानिये वजह

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। देशभर के सरकारी अस्पतालों में आउटसोर्सिंग पर तैनात नर्सों की आर्थिक स्थित अच्छी नहीं है, उनको अभी भी समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा लंबे समय से आउटसोर्स और संविदा पर काम करी रहीं नर्सें नियमितीकरण की मांग भी कर रही है, लेकिन उस पर भी सुनवाई नहीं हो रही है।

आउटसोर्सिंग नर्सेज की इन्हीं मांगों को लेकर ऑल इण्डिया रजिस्टर्ड नर्सेज फेडरेशन ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। जिसमें विभिन्न राज्यों के जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य सरकारी संस्थानों में तैनात आउटसोर्सिंग नर्सेस को नियमित करने और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग की गई है।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग नर्सेज स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन उन्हें स्थायी रोजगार और उचित वेतन की कमी का सामना करना पड़ रहा है , जिसकी वजह से आउटसोर्सिंग पर तैनात नर्सेस अपने भविष्य को लेकर चिन्तित रहती है ।

फेडरेशन ने मांग की है कि सरकार इस मुद्दे पर त्वरित ध्यान दे और नर्सेज के लिए स्थायी नीति बनाकर उन्हें नियमित किया जाए, ताकि वह अपने कार्य में और अधिक प्रभावी तरीके से योगदान कर सकें। ऑल इण्डिया रजिस्टर्ड नर्सेज फेडरेशन उत्तर प्रदेश कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग वर्मा ने बताया कि फेडरेशन आउटसोर्सिंग नर्सेज को अधिकार दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगा ।

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