बरेली: हत्या में अवधेश के मामा को फंसाना चाहती थी विनीता
बरेली, अमृत विचार। पति की हत्यारोपी विनीता जितनी सुंदर है, उतना ही शातिर उसका दिमाग है। कत्ल की वारदात को अंजाम देने से पहले उसने पूरा प्लान तैयार कर लिया था। हत्या का आरोप वह अवधेश के मामा पर लगाना चाह रही थी। लेकिन इससे पहले वह कुछ करती अवधेश की मां बीच में आ …
बरेली, अमृत विचार। पति की हत्यारोपी विनीता जितनी सुंदर है, उतना ही शातिर उसका दिमाग है। कत्ल की वारदात को अंजाम देने से पहले उसने पूरा प्लान तैयार कर लिया था। हत्या का आरोप वह अवधेश के मामा पर लगाना चाह रही थी।
लेकिन इससे पहले वह कुछ करती अवधेश की मां बीच में आ गईं और उन्होंने उसके खिलाफ बेटे की हत्या की तहरीर दे दी। उधर, नारखी पुलिस ने चीकू को गिरफ्तार कर लिया जिसने कत्ल की वारदात की पूरी किताब पुलिस के सामने खोल दी।
पुलिस की पूछताछ में विनीता ने बताया कि उसका प्लान था कि अवधेश की हत्या करने के बाद आरोप उनके सगे मामा साधू सिंह निवासी चिरौली औरैया पर लगा देगी। इसके बाद अवधेश की मां और साधू सिंह के बीच विवाद हो जाएगा, तब वह अवधेश की मां अन्नपूर्णा को भी मार देगी। मां के कत्ल को भी वह साधू सिंह पर ही थोप देगी।
इसके बाद अवधेश की पूरी जायदाद और नौकरी पर विनीता का कब्जा हो जाएगा। विनीता ने पुलिस को बताया कि अवधेश और उनके मामा साधू सिंह के बीच पांच लाख रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों के बीच रिश्ता लगभग खत्म हो गया था। इसका वह फायदा उठाना चाह रही थी लेकिन बरेली में अवधेश की मां ने उस पर शक जताते हुए तहरीर दे दी।
उधर, नारखी पुलिस ने चोरी की वारदात में चीकू को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के सामने चीकू ने विनीता द्वारा रची गई कत्ल की वारदात का खुलासा कर दिया। पुत्रवधू पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए अन्नपूर्णा देवी ने थाना इज्जतनगर में तहरीर दे दी थी। फिलहाल पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी को गिरफ्तार करके शनिवार को जेल भेज दिया।
अवधेश के मामा के घर के पास फेंका मोबाइल
विनीता ने अवधेश की हत्या के बाद उनका मोबाइल उनके मामा साधू सिंह के गांव के पास फेंक दिया। इसके बाद वह अपने ननिहाल हाथरस के लिए निकल गई। विनीता ने बताया कि उसका प्लान था कि जब अवधेश सिंह नहीं मिलेंगे तो वह उनके मामा पर हत्या का आरोप लगा देगी और पुलिस पर दबाव बनाएगी। इसके बाद अवधेश का मोबाइल साधू सिंह के गांव चिरौली में पुलिस को मिल जाएगा और साधू सिंह गिरफ्तार हो जाएगा।
ननिहाल में छोड़ दिया अंशू को
विनीता ने बताया कि कत्ल की वारदात को अंजाम देने के बाद भाड़े के हत्यारे अपने-अपने ठिकानों पर चले गए जबकि उसका प्रेमी अमित सिसौदिया आगरा चला गया। विनीता के पिता अनिल, भाई प्रदीप और बहन ज्योति हाथरस चले गए। वहां कुछ दिन रहने के बाद उसने अपने सात वर्षीय बेटे अंशू को नानी के पास छोड़ दिया। इसके बाद वह ग्वालियर के लिए रवाना हो गई। वहां से नोएडा चली गई। इस बीच अमित ने उसकी आर्थिक मदद की।
सास को भी रास्ते से हटाना चाहती थी विनीता
विनीता ने बताया कि वह अपनी सास को रास्ते से पहले हटाना चाह रही थी लेकिन वह अवधेश की बुआ के यहां गई थीं। जिससे अन्नपूर्णा शेर सिंह उर्फ चीकू व अन्य हत्यारों के हाथ नहीं लगी। इसके बाद उसने हत्यारों को बरेली बुला लिया। यहां 5 बजे के बाद जब अवधेश सिंह बाहर टहलने के लिए गए थे तब हत्यारोपी उनके घर में छिपकर बैठ गए थे। वापस आने के बाद उन पर अचानक हमला कर दिया था।
सुभाषनगर के जगपाल को दे दिया चकमा
अवधेश सिंह और सुभाष नगर निवासी जगपाल सिंह के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती रहती थी लेकिन काम के कारण कई माह से मुलाकात नहीं हो सकी थी। विनीता ने बताया कि 12 अक्टूबर को जब वह कत्ल की वारदात को अंजाम दे रही थी तो उसी वक्त जगपाल सिंह आ गया। इतने में उसके साथी अवधेश को खींचकर अंदर ले गए। जब जगपाल दरवाजे पर पहुंचा तो उसने पूछा कि मास्टर साहब कहां तो विनीता ने बहाना बना दिया।
फिरोजाबाद से फेंटा लेकर आया प्रदीप
विनीता ने बताया कि पहले प्लान था कि अवधेश को जहर देकर मारा जाएगा लेकिन उसे स्वयं अवधेश ने ही फेल कर दिया। विनीता ने बताया कि उसका भाई प्रदीप फेंटा लेकर आया था। फेटा कांच गलाने के काम में आता है। यह जहर इतना तीव्र होता है कि पेट में जाने के बाद आंतें तुरंत गला देता लेकिन अवधेश ने जबरदस्ती के बाद भी मुंह में जहर नहीं जाने दिया। मजबूरन उसकी गला दबाकर हत्या करनी पड़ी।
