बरेली: अनाथालय में लगा वाईफाई, टेबलेट पर बच्चे करने लगे पढ़ाई

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रजनेश सक्सेना, बरेली। कोरोना संकट काल में एक ओर जहां पढ़ाई को लेकर खींचतान मची हुई है। वहीं, दूसरी ओर अनाथालय के बच्चों की पढ़ाई के लिए स्मार्ट तरीका अपनाया गया है। बच्चों को डिजिटल तरीके से पढ़ाई कराई जा रही है। अनाथालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए टेबलेट मुहैया कराया गया है। साथ …

रजनेश सक्सेना, बरेली। कोरोना संकट काल में एक ओर जहां पढ़ाई को लेकर खींचतान मची हुई है। वहीं, दूसरी ओर अनाथालय के बच्चों की पढ़ाई के लिए स्मार्ट तरीका अपनाया गया है। बच्चों को डिजिटल तरीके से पढ़ाई कराई जा रही है। अनाथालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए टेबलेट मुहैया कराया गया है। साथ ही वाई-फाई की भी सुविधा की गई है।

सिविल लाइंस किशोर बाजार स्थित आर्य समाज अनाथालय में लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। उनके लिए दो कैंपस हैं। अनाथालय में कुल 17 लड़के और करीब 12 लड़कियां है। इनमें से 13 लड़के वे हैं जो कक्षा छह से 12वीं में पढ़ रहे हैं।

बाकी चार लड़के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते हैं। लाकडाउन में स्कूल बंद हुए तो पढ़ाई की समस्या होने लगी। छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल के हेड मास्टर सतीश कुमार खुद अनाथालय आने लगे। उन्हें वर्कशीट के माध्यम से पढ़ाने लगे।

उन्होंने बताया कि वह बच्चों के लिए खुद घर से वर्कशीट तैयार करके लाते हैं और कार्य पूरा होने के बाद उसे जांचते हैं। वहीं, कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाई में काफी दिक्कतें होने लगी थीं क्योंकि न तो उन्हें कोई शिक्षक पढ़ाने आता था और न ही वे स्कूल जा पा रहे थे। ऐसे में अनाथालय के ट्रस्ट ने सभी बच्चों की समस्या को देखते हुए उन्हें स्मार्ट तरीके से पढ़ाने का फैसला लिया।

अनाथालय के प्रधान हर्षवर्धन ने बताया कि करीब एक महीने दोनों कैंपस में वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराई गई है। दोनों कैंपसों के लिए चार टेबलेट खरीदे गए जिससे बच्चों को पढ़ाई करने में आसानी हो।

दो टेबलेट लड़कों के लिए और दो लड़कियों के लिए
अनाथालय के प्रधान हर्षवर्धन ने बताया कि ट्रस्ट ने चार टेबलेट खरीदे इसमें दो टेलबेट लड़कों के लिए दिए गए और दो टेबलेट लड़कियों के लिए दिए गए। चूंकि सभी बच्चों की पढ़ाई का समय एक साथ नहीं होता, इसलिए क्रम से सभी बच्चे उन टेबलेटों से पढ़ाई करते हैं। हालांकि, लड़कियों के लिए तो वार्डन का फोन भी उपलब्ध रहता है जिससे वे पढ़ाई करती हैं।

दीक्षा एप और शिक्षकों की ऑनलाइन कक्षाओं से सीख रहे बच्चे
बच्चों ने बताया कि वे दीक्षा एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं। इस एप्लीकेशन में कक्षा और विषयवार शिक्षकों की वीडियो पड़ी हुई है। वे इसी से पढ़कर समझते हैं और नोट्स तैयार करते हैं। साथ ही स्कूलों की तरफ से सभी कक्षाओं का व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ है। इसमें शिक्षक विषयवार होमवर्क भेजते रहते हैं। साथ ही वीडियो भी उन ग्रुपों में भेजते रहते हैं। इससे उन्हें पढ़ाई में बहुत ही आसानी होती है।

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