15वें वित्त आयोग ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट
नई दिल्ली। पंद्रहवें वित्त आयोग ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी। आयोग के चेयरमैन एनके. सिंह की अध्यक्षता में 2021- 22 से लेकर 2025-26 पांच साल की अवधि की रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट को कोविड काल में वित्त आयोग नाम दिया गया है। वित्त आयोग ने पिछले साल ही …
नई दिल्ली। पंद्रहवें वित्त आयोग ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी। आयोग के चेयरमैन एनके. सिंह की अध्यक्षता में 2021- 22 से लेकर 2025-26 पांच साल की अवधि की रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट को कोविड काल में वित्त आयोग नाम दिया गया है। वित्त आयोग ने पिछले साल ही 2020- 21 की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। केन्द्र सरकार ने इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था।
जिससे 30 जनवरी 2020 को संसद के पटल पर रख दिया था। आयोग की सेवा शर्तों के अनुसार आयोग को 2021- 22 से लेकर 2025- 26 की पांच साल की अवधि के लिये अपनी सिफारिशें सौंपने को कहा गया था। केन्द्र और राज्यों के बीच कर विभाजन, स्थानीय सरकारों को दिया जाने वाला अनुदान, आपदा प्रबंधन अनुदान, सहित अन्य कई मुद्दों पर सिफारिशें देने को कहा गया था। इसके साथ ही राज्यों के लिये बिजली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण अपनाने, ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रोत्साहन आधारित सिफारिशों भी शामिल थी।
आयोग ने अपनी इस रिपोर्ट में सभी संदर्भ शर्तों पर गौर करने की पहल की है। यह रिपोर्ट चार खंडों में है, पहले और दूसरे खंड में पहले की तरह मुख्य रिपोर्ट है और उसके साथ के पूरक संदर्भ दिये गये हैं। तीसरा खंड केन्द्र सरकार के लिये है जिसमें मुख्य विभागों को गहराई से जांचा परखा गया है। उनके लिये मध्यम अवधि की चुनौतियां और आगे की दिशा के बारे में बताया गया है। चौथा खंड पूरी तरह से राज्यों को समर्पित है। रिपोर्ट में संसद में पेश करने के बाद सार्वजनिक किया जायेगा। इस दौरान अजय नारायण झा, अनूप सिंह, अशोक लाहिड़ी और रमेश चंद शामिल रहे।
