लविवि: मूल्यांकन और प्रवेश परीक्षा में हुई गड़बड़ी की होगी जांच
लखनऊ विश्वविद्यालय ने गठित की जांच समिति कुलसचिव की ओर से जारी हुआ आदेश, सिर्फ दो दिनों में पूरी करनी होगी जांच लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा में गडबड़ी व एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्रों की कॉपियों में मूल्यांकन में लापरवाही की जांच प्रक्रिया दो दिनों में पूरी की जायेगी। इस संबंध में कुलपति …
लखनऊ विश्वविद्यालय ने गठित की जांच समिति
- कुलसचिव की ओर से जारी हुआ आदेश, सिर्फ दो दिनों में पूरी करनी होगी जांच
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा में गडबड़ी व एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्रों की कॉपियों में मूल्यांकन में लापरवाही की जांच प्रक्रिया दो दिनों में पूरी की जायेगी। इस संबंध में कुलपति प्रो. आलोक राय ने जांच समिति ने गठित कर दी है। इस संबंध में रजिस्ट्रार की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक दोनो ही प्रकरण की जांच समिति दो दिनों में पूरी करेगी। जांच कमेटी में तीन प्रोफेसरों को शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के विधि प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. डीएनएनएस यादव, वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अवधेश त्रिपाठी, मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मधुरिमा प्रधान को जांच के लिए नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिन यानी 11 नवंबर को जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी उसके बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
छात्रों का ये है आरोप
वहीं छात्रों का आरोप है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है। इसके जिम्मेदार विश्वविद्यालय के प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा को बर्खास्त किया जाना चाहिए। छात्रों का आरोप लगाते हुए कहा कि एलएलबी अंतिम वर्ष परीक्षा के जो कॉपियां हैं उनका मूल्यांकन भी सही से नहीं किया ऐसे में कई छात्र प्रवेश से वंचित हो सकते है। छात्रों की मांग है कि प्रो. अनिल मिश्रा समेत सभी दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। प्रदर्शन में मुख्यरूप से लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रनेता महेंद्र कुमार यादव,लालू कनौजिया,मुकेश पांडेय,अवनीश यादव,अल्ताफ हुसैन,सदफ तस्नीम, कांची सिंह,शिवम कृष्णा, हिमांशु कुमार,आर्यन मिश्रा समेत कई छात्रों ने आरोप विश्वविद्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठाये थे।
विश्वविद्यालय का ये है दावा
छात्रों की नाराजगी के बाद विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ दुर्गेश श्रीवास्तव की ओर से दावा किया गया है कि इस प्रवेश मेरिट के अनुसार ही दिए जायेंगे। ऐसे में कोई गडबड़ी नहीं हुई है। फिर भी छात्रों की संतुष्टि के लिए जांच के आदेश कुलपति की ओर से कर दिए गये है।
