लखनऊः पुलिस की बर्बरता से दो वक्त की रोटी के लिए परिवार हुआ मोहताज

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Edited By Muskan Dixit
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सिर्फ निलंबन से पीड़ित परिवार नाराज, मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत

लखनऊ, अमृत विचार। पीजीआई पुलिस द्वारा मोबाइल चोरी के मामले में फैजुल्लागंज निवासी रोहित तिवारी को पूछताछ के बहाने वृन्दावन चौकी पर बुलाकर चोरी कबूलने का दबाव बनाया। बर्बरता करने के मामले में सिर्फ मुख्य आरक्षी के निलंबन होने से पीड़ित परिवार नाराज है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से मामले की शिकायत करने की बात कही है।

पुलिस की बर्बरता ने दिए घाव

रोहित तिवारी अपने परिवार संग फैजुल्लागंज क्षेत्र स्थित गाजीपुर बलराम में रहता है और सटिरंग का काम कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी पत्नी वंदना इस समय गर्भवती है और उसका आठवां महीना चल रहा है। पुलिस की बर्बरता की वजह रोहित के शरीर में काफी अंदरूनी चोटें आयी हैं जिसकी वजह से वह काफी दिनों तक अब काम नहीं कर पायेगा। ऐसे में उसकी पत्नी इस हालत में परिवार की आर्थिक दशा को लेकर भी काफी चिंतित है।

गर्भवती पत्नी को महिला कांस्टेबल ने भगाया

रोहित की पत्नी वंदना ने बताया कि बुधवार रात उन्हे जानकारी मिली कि पीजीआई पुलिस उनके पति को जबरन चोरी के मामले में फंसाना चाहती है और इसलिए उसके साथ खूब मारपीट की है। लेकिन जब वंदना पीजीआई थाने पहुंची तो लॉकअप में रोहित चोट की वजह से तड़प रहा था। आरोप है कि इस दौरान उसने पति का हाल चाल जानना चाहा तो महिला कांस्टेबल ने उसे भगा दिया।

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