KGMU: केजीएमयू से निकाले गए 5 रेजिडेंट डॉक्टर, Nursing Staff समेत 4 कर्मचारियों पर भी हुई करवाई

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) स्थित ट्रामा सेंटर में दूसरे मेडिकल कॉलेज से आए 5 रेजिडेंट डॉक्टरों को निकाल दिया गया है। इन सभी रेजिडेंट डॉक्टरों पर ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए आए मरीजों को दूसरे निजी अस्पतालों में भेजने का आरोप लगा था। अब इन्हें दोबारा केजीएमयू में काम करने का मौका नहीं दिया जाएगा। 

इसके अलावा केजीएमयू प्रशासन ने ट्रामा सेंटर में तैनात 4 अन्य कार्मिकों पर भी कार्रवाई की है। इन कर्मचारियों को हटाकर दूसरे विभाग में तैनात कर दिया गया है। इन कर्मचारियों पर मरीज से अभद्रता करने का आरोप लगा था, जिनपर कार्रवाई हुई है,उनमें एक नर्सिंग अधिकारी भी शामिल है। यह जानकारी केजीएमयू प्रशाशन की तरफ से दी गई है।

दरअसल, केजीएमयू प्रशासन ने बीते कुछ दिनों से एक्शन मोड में है। अभी हाल में ही ईएनटी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमेश कुमार को भी केजीएमयू प्रशासन ने निकाल दिया है। उनके ऊपर मरीज को निजी अस्पताल में ले जाकर सर्जरी करने का आरोप लगा था सर्जरी के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई थी, जिसकी केजीएमयू में इलाज के दौरान बाद में मौत हो गई।

यह था मामला 

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में  डॉ. रमेश कुमार पर महिला के गले का खदरा स्थित एक निजी अस्पताल में जाकर ऑपरेशन करने का आरोप लगा था। आरोप यह भी है कि ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही से महिला कोमा में चली गई थी। जिसके बाद केजीएमयू में करीब 15 दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रही। शनिवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

मृतका के पति ने मामले की शिकायत स्थानीय थाना मदेयगंज, केजीएमयू प्रशासन और सीएमओ से की थी, शिकायत में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी। जिसके बाद केजीएमयू की कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद ने जांच समिति का गठन कर जांच कराई, जिसमें डॉ. रमेश दोषी पाये गये और केजीएमयू से निष्कासित कर दिया गया है।

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