अमरोहा : पुलिस पर जानलेवा हमले में दोषी को 10 साल की सजा

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Edited By Pradeep Kumar
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अमरोहा, अमृत विचार। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने वाले दोषी को कोर्ट ने 10 साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
 
घटना 25 जनवरी 2005 की सैदनगली थाना क्षेत्र की थी। यहां के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनूप सिंह राठी पुलिसकर्मियों के साथ लूट से संबंधित एक घटना की छानबीन करने के लिए कस्बा उझारी गए थे। वह मामले के खुलासे के लिए एसओजी इंचार्ज टीम के साथ जांच कर रहे थे। उसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि बुरावली रोड पर हुई लूट में शामिल कुछ बदमाश वहां एक आम के बाग में हैं और आपस में सामान और रुपये बांट रहे हैं। उनके पास तमंचे भी हैं। यह सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और बदमाशों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की। उसी दौरान बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग की। जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे थे। बाद में पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए मौके से पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान नाम प्रमोद कुमार निवासी गांव हिसावटी थाना अनूपशहर जिला बुलंदशहर बताया था। दूसरे ने अपना नाम रहरा थाना क्षेत्र के गंगेश्वरी निवासी यामीन, तीसरे ने गांव पौरारा निवासी यासीन, चौथे ने हसनपुर थाना क्षेत्र के गांव  निचली झूंडी निवासी किशन तथा पांचवें ने बुरावली निवासी असगर बताया था। पुलिस ने उनके पास नकदी, तमंचे व अन्य सामान भी बरामद किया था। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। इस केस की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम नाजनीन बानो की कोर्ट में चल रही थी। बुधवार को कोर्ट में केस की आखिरी सुनवाई की। साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने प्रमोद कुमार को पुलिस पर जानलेवा हमला करने और आयुध अधिनियम में दोषी माना। दोषी को 10 साल जेल की सजा सुनाई। एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

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