बरेली: रामगंगा का पानी नहीं होगा प्रदूषित, 1.55 अरब से होगा ये काम
बरेली,अमृत विचार। रामगंगा नदी के पानी प्रदूषित होने से बचाने के लिए जनवरी माह के पहले नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके लिए जल निगम ने तीनों एसटीपी के लिए 1.55 अरब की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर शासन को सौंप दी है। 15 …
बरेली,अमृत विचार। रामगंगा नदी के पानी प्रदूषित होने से बचाने के लिए जनवरी माह के पहले नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके लिए जल निगम ने तीनों एसटीपी के लिए 1.55 अरब की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर शासन को सौंप दी है। 15 दिन के भीतर निविदा प्रक्रिया का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। एसटीपी 20 से 42 एमएलडी क्षमता की होगी।
एनजीटी की सख्ती और जुर्माने का डर नगर निगम के अफसरों पर दिखने लगा है। इसके कारण जल्द से जल्द रामगंगा नदी के पानी को निर्मल रखने के लिए शहर के नालों का पानी एसटीपी से साफ करके नदी में छोड़ने की योजना पर कार्य कर रहे हैं। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत तीन एसटीपी चौबारी, बीसलपुर, एयरफोर्स नाले के पास बनाए जाएंगे।
इनमें बीसलपुर रोड पर सबसे बड़ा एसटीपी होगा। जिसकी क्षमता 42 एमएलडी की होगी। चौबारी में 20 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाएगा। एयरफोर्स नाले के पास एक एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाएगा। इन जगहों पर तीन पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे जबकि एक लिफ्टिंग स्टेशन बनाने की योजना है।
एसटीपी निर्माण का निर्माण जनवरी से शुरू कर 21 माह में कार्य पूरा करना होगा। इतना ही नहीं ही तीन महीने तक ट्रायल कर एनजीटी को रिपोर्ट भी भेजनी होगी। अभी तक शहर से हर रोज निकलने वाला करीब 154 एमएलडी सीवरेज का पानी अभी तक बिना साफ किए रामगंगा नदी में चला जाता था। इसके कारण एनजीटी ने नगर निगम पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया था। अब सभी नालों को एसटीपी से जोड़ा जाएगा। जिससे पानी साफ होने के बाद रामगंगा में छोड़ा जाएगा। ताकि रामगंगा गंगा को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
“एसटीपी लगाने का कार्य के लिए इसी माह लगाने वाली कंपनी से अनुबंध पत्र भरवा लिया जाएगा। इसके बाद कार्यदेश जारी किया जाएग, ताकि जल्द से जल्द कार्य शुरू हो सके।” -संजय कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम
