शाहजहांपुर: महिला की हत्या में पति समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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संतान नहीं होने पर ससुरालियों ने महिला की ले ली थी जान

शाहजहांपुर, अमृत विचार। थाना पुवायां के गांव कहमारा में वर्ष 2021 में महिला शारदा की हत्या किए जाने के मामले में कोर्ट ने महिला के पति समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा और 36-36 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इस घटना में सीतापुर के एक तांत्रिक को भी आरोपी बनाया गया था, जिसे साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
 
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामले की रिपोर्ट शारदा के भाई मुनीश कुमार ने दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि उसकी बहन शारदा की शादी थाना पुवायां के गांव कहमारा निवासी सर्वेश पुत्र बटेश्वर के साथ 13 वर्ष पहले हुई थी। बहन के कोई संतान नहीं हुई, जिस कारण सर्वेश बहन को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा, उसके इस कृत्य का समर्थन कर बहन को सर्वेश के पिता बटेश्वर, भाई मुनीश, दुर्वेश भी मारते पीटते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। बहन ने उसे प्रताड़ित किए जाने की जानकारी दी तो उसने बहन के ससुराल वालों को समझाकर शांत करा दिया। बहन के ससुराल वालों ने फोन करके बताया कि तुम्हारी बहन की मृत्यु हो गई। वह कहमारा पहुंचा तो वहां देखा कि बहन के शरीर में चोटों व जले के निशान थे और पूरा शरीर नीला पड़ गया था। मुनीश ने बताया कि ससुरालियों ने इस तरह की दुस्साहसिक घटना किसी तांत्रिक के कहने पर की। पुवायां पुलिस ने तहरीर के आधार पर सर्वेश, बटेश्वर, दुर्वेश के खिलाफ मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया। इसी मुकदमे में सीतापुर के थाना विसवां के गांव सैजकला निवासी देवधर के खिलाफ धारा 508, 120 बी के तहत आरोप पत्र प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या 13 में मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और शासकीय अधिवक्ता भावशील शुक्ला व बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने पत्रावली का अवलोकन कर दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त सर्वेश, बटेश्वर, दुर्वेश को आजीवन कारावास की सजा और प्रत्येक अभियुक्त को 36-36 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जबकि साक्ष्य के अभाव में देवधर को दोषमुक्त कर दिया गया।

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