शाहजहांपुर: हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने से भड़के वकीलों ने किया प्रदर्शन

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Edited By Pradeep Kumar
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तहसील कार्यालय में ताले डालकर कामकाज किया ठप

पुवायां, अमृत विचार। बार संघ के महामंत्री कुमार गौरव शुक्ला पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होने से वकीलों का गुस्सा फूट गया। गुरुवार को वकीलों ने तहसील के कार्यालय में ताले डाल दिए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद वहीं धरना देकर बैठ गए। बोले-जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक कामकाज ठप रहेगा। एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर वकीलों ने धरना समाप्त कर दिया लेकिन न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषण की।
   
पुवायां बार संघ के महामंत्री कुमार गौरव शुक्ला बंडा के रहने वाले हैं। गौरव शुक्ला ने बताया कि बंडा के गायत्री नगर में उनकी भूमि थी, जिस पर वह 17 नवंबर को निर्माण कार्य करा रहे थे। इसी दौरान कुछ भूमाफिया मौके पर आए और उन्होंने निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों को मारा पीटा और जान से करने की नीयत से फावड़ा से हमला कर दिया। तहरीर देने के बाद पुलिस ने मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से नाराज वकीलों का गुरुवार को गुस्सा फूट गया। सुबह लगभग 11 बजे तहसील मुख्यालय पर वकीलों ने जमकर हंगामा किया और तहसीलदार कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, नायब तहसीलदार कार्यालय समेत सभी कार्यालयों में तालाबंदी कर दी।  इसके बाद नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। वकीलों के उग्र प्रदर्शन के बाद एसडीएम संजय पांडेय और सीओ निष्ठा उपाध्याय ने वकीलों को शांत करने की कोशिश करते हुए मुकदमे को उचित धारा में तरमीम कराकर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद वकीलों ने धरना प्रदर्शन तो समाप्त कर दिया लेकिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। वकीलों ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाएगी, तब तक वह लोग न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। धरना प्रदर्शन में बार संघ के अध्यक्ष सुनील पाठक, महामंत्री कुमार गौरव शुक्ला, प्रभारी महामंत्री विजय मिश्रा, अग्निवेश शुक्ला, अरुण त्रिपाठी, विनय बाजपेयी, आलोक, रविंद्र त्रिवेदी, अंशु मिश्रा आदि मौजूद रहे।

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