बदायूं की जामा मस्जिद को बनाया जा रहा है निशाना -ओवैसी
शनिवार को थी मामले की सुनवाई, 3 दिसंबर नीयत की गई है अगली तारीख
बदायूं, अमृत विचार। मस्जिद के सर्वे को लेकर सीमावर्ती जिला संभल में हिंसा के बाद बदायूं के जामा मस्जिद मामले की शनिवार को पहली सुनवाई थी। इसी दौरान शनिवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने सोशल साइट एक्स पर प्रतिक्रिया दी है। कहा कि बदायूं में जामा मस्जिद को निशाना बनाया जा रहा है। आने वाली नस्लों को AI की पढ़ाई के बजाए ASI की खुदाई में व्यस्त कर दिया जा रहा है।
अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल ने साल 2022 में जामा मस्जिद की जगह नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा दायर किया था। जिसकी कोर्ट में बहस चल रही है। जिसकी तारीख 30 नवंबर नीयत थी। जिसके अंतर्गत शनिवार को इंतजामिया कमेटी के अधिवक्ता अनवर आलम ने बहस की। जो जारी रहेगी। अगली तारीख 3 दिसंबर नीयत की गई है। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अमित कुमार के न्यायालय में तय होना है कि वाद चलने योग्य है या नहीं। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने सोशल साइट्स एक्स पर लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि बदायूं उत्तर प्रदेश की जामा मस्जिद को निशाना बनाया गया है। अदालत में 2022 में केस किया गया था और उसकी अगली सुनवाई 3 दिसंबर को होगी। ASI (जो भारत सरकार के तहत काम करती है) और उत्तर प्रदेश सरकार भी केस में पार्टी है। दोनों सरकारों को 1991 एक्ट के अनुसार अपनी बात रखनी होगी। शर पसंद हिंदुत्ववादी तंजीमें किसी भी हद तक जा सकते हैं, उन पर रोक लगाना भारत के अमन और इत्तिहाद के लिए बहुत जरूरी है।
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