कानपुर में 20 पंचायतों के 11 सचिवों ने नहीं दिए बिल बाउचर: डीपीआरओ ने जारी किया नोटिस
कानपुर, अमृत विचार। विकास कार्यों पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च करने के बाद 20 पंचायतों के 11 सचिवों ने बिल ऑडिट विभाग में जमा नहीं किया है। इसे करीब एक माह बीत चुका है। पंचायतीराज विभाग ने सभी को दोबारा नोटिस जारी किया है। गत सितंबर माह में 2016-17 के 145 ऑडिट प्रस्तर की समीक्षा में 39 बिल बाउचर नहीं मिले थे। इन्हें जमा न करने वाले सचिवों से अब वसूली की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि की हर साल ऑडिट विभाग टीम जांच करती है। वर्ष 2016-17 की ऑडिट 2019 में हुई थी। इस दौरान कई सचिव खर्च धनराशि, टेंडर की अनुमति समेत अन्य अभिलेख टीम के सामने नहीं प्रस्तुत कर पाए थे। प्रपत्रों के लिए सभी को पंचायती राज विभाग ने कई बार पत्र लिखा। लेकिन इस ओर किसी भी सचिव ने ध्यान नहीं दिया। फाइलें अलमारियों में बंद रहीं।
शासन ने अब ऑडिट के लंबित मामलों को निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं, जिस पर अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। अलमारियों में बंद फाइलों को निकाला जाने लगा है। इनमें सबसे ज्यादा 1.50 करोड़ रुपये के 10 बिल बाउचर पुनीत मिश्रा, 10.34 लाख रुपये के तीन बाउचर राहुल अवस्थी के हैं। अन्य सचिवों के दो से तीन लाख रुपये के बाउचर नदारद हैं। सीडीओ दीक्षा जैन ने अक्टूबर माह में सभी को नोटिस जारी कर नवंबर तक बाउचर जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सचिवों ने अभी तक जमा नहीं कराया।
20 पंचायतों के 11 सचिव के बिल बाउचर गायब हैं। अभी तक किसी ने ऑडिट विभाग को बिल नहीं दिया है। सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके बाद सभी से वसूली की कार्रवाई होगी।- मनोज कुमार, डीपीआरओ
