विधानसभा में कैग रिपोर्ट पेश करने के लिए भाजपा विधायकों की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट 9 दिसंबर को करेगा सुनवाई

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट 9 दिसंबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें आबकारी शुल्क, प्रदूषण और वित्त से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट विधानसभा में पेश करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई स्थगित करते हुए कहा कि मामले में दलीलें अभी पूरी नहीं हुई हैं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा कि मामला तत्काल सुनवाई योग्य है क्योंकि मौजूदा विधानसभा सत्र चार दिसंबर को समाप्त हो जाएगा, वहीं दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि यह ‘‘कोई आखिरी सत्र नहीं है’’। दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर नंदराजोग ने कहा कि चूंकि पहले मामले की सुनवाई नौ दिसंबर के लिए निर्धारित की गई थी ऐसे में याचिका का जवाब तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा सत्र समाप्त भी हो जाता है तो भी उपराज्यपाल के पास सत्र को फिर से बुलाने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई आखिरी सत्र नहीं है और दिल्ली में आखिरी विधानसभा भी नहीं है। विधानसभा का कार्यकाल फरवरी तक है और सत्र बुलाने का अधिकार एलजी के पास है।’’ भाजपा विधायकों ने ‘‘शीघ्र सुनवाई’’ का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की थी जिसके बाद 29 नवंबर को अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए तारीख नौ दिसंबर से बदलकर दो दिसंबर निर्धारित कर दी थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने दलील दी कि सरकार प्रदूषण और शराब जैसे विभिन्न मुद्दों पर कैग की महत्वपूर्ण रिपोर्ट को विधानसभा के समक्ष ‘‘शीघ्र’’ पेश नहीं करके अपने वैधानिक कर्तव्य से दूर भाग रही है। कैग के वकील ने कहा कि उनका जवाब शनिवार को दाखिल किया गया था और अभी तक रिकॉर्ड पर नहीं आया है।

कैग ने अपने जवाब में कहा कि दिल्ली से संबंधित आठ रिपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम के अनुसार विधानसभा के समक्ष रखने के लिए राज्य सरकार के पास लंबित हैं। कैग ने कहा कि कानून के अनुसार, दिल्ली सरकार को उसके द्वारा प्रस्तुत ऑडिट रिपोर्ट विधानसभा के समक्ष रखनी है और उसने पूर्व में प्रमुख सचिव (वित्त) को पत्र लिखकर ऐसा करने का अनुरोध किया था।

जवाब के अनुसार, 2022 से 2024 तक की रिपोर्ट वित्त ऑडिट, वायु प्रदूषण, ‘‘राजस्व, आर्थिक, सामाजिक और सामान्य क्षेत्र तथा सार्वजनिक उपक्रमों’’, शराब और जन स्वास्थ्य से संबंधित हैं। यह याचिका दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता और भाजपा विधायकों मोहन सिंह बिष्ट, ओम प्रकाश शर्मा, अजय कुमार महावर, अभय वर्मा, अनिल कुमार बाजपेयी और जितेंद्र महाजन ने दायर की है। 

यह भी पढ़ें:-Gonda News: संतोष मिश्रा बने नगर कोतवाली के नए प्रभारी निरीक्षक, मनोज पाठक गए मनकापुर

संबंधित समाचार