बाराबंकी: मतांतरण गिरोह से जुड़े हो सकते हैं रियासत-मुर्शीद और मोहसिन के तार, जांच शुरू
कई तरह का लालच देकर किशोर को लाए बाराबंकी, ब्रेनवाश कर कराया खतना
बाराबंकी, अमृत विचार। आजमगढ़ के हिंदू किशोर का मतांतरण कराने के मामले की जांच कर रही शहर कोतवाली पुलिस टीम को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। पुलिस के मुताबिक किशोर का मतांतरण कराने वाले मुर्शीद, उसके पिता रियासत अली और रेस्टोरेंट संचालक मोहसिन के तार किसी गिरोह से भी जुड़े हो सकते हैं। क्योंकि मतांतरण का खेल गिरोह के माध्यम से उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली, मुंबई, केरल, उड़ीसा के साथ ही कई अन्य राज्यों में फैला है।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि मतांतरण के लिए इन तीनों ने किशोर को कई तरह का लालच देकर उसका ब्रेनवाश कर दिया था। जिसके चलते वह आजमगढ़ से इन लोगों के साथ बाराबंकी चला आया। फिलहाल पुलिस की एक टीम तीनों आरोपियों के मतांतरण गिरोह से कनेक्शन को खंगालने के लिये आजमगढ़ रवाना हो गई है।
पुलिस पूछताछ में करीब 15 साल वर्षीय किशोर ने बताया कि वह आजमगढ़ जिले में अतरौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी है। खुद के हिंदू होने की बात कबूलने के साथ उसने पुलिस को यह भी बताया कि परिवार में मां के अलावा उसका एक भाई और दो बहनें भी हैं। पिता की हत्या के बाद उसकी गलत संगत मोहल्ले के कुछ लोगों के साथ हो गई थी। वहीं पर उसकी मुलाकात शहर के मोहल्ला पीरबटावन निवासी मुर्शीद और उसके पिता रियासत अली से हो गई। यह लोग वहां कबाड़ का काम करते थे और उसे रोज 50-100 रुपये रोज दे दिया करते थे। मुर्शीद से उसकी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी।
किशोर ने पुलिस को बताया कि मुर्शीद और उसके पिता रियासत उसे अक्सर मदद का भरोसा देकर बहकाने का काम करते थे। किसी बढ़िया काम में लगा देने की बात कहकर वह उसे बाराबंकी भी ले आए। उन लोगों ने देवा में अपना कबाड़ का काम शुरू किया और कुछ दिनों के बाद उसे शहर कोतवाली के अफीफा रेस्टोरेंट में काम पर लगा दिया। कुछ दिनों बाद रेस्टोरेंट मालिक मोहसिन ने उससे उसके घर परिवार के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसका कोई नहीं है। वहां पर रियासत, मोहसिन और मुर्शीद तीनों मिलकर उसे मुस्लिम बनाने के लिये उसका ब्रेनवाश करना शुरू कर दिया। करीब 15 दिन पहले उसको एक अस्पताल में ले गए और उसका खतना करवा दिया और उसका नाम नूर मोहम्मद रख दिया। किशोर को अब गलती का एहसास हो रहा है, वह अपने परिवार के पास वापस जाना चाहता है।
किशोर बहुत गरीब परिवार से है। आजमगढ़ में परिजनों को सूचना देकर उनको बुलाया गया है। मुर्शीद, उसके पिता रियासत अली और रेस्टोरेंट संचालक मोहसिन के तार और कहां-कहां से जुड़े हैं, इसकी जांच के लिये पुलिस की एक टीम को भी आजमगढ़ रवाना किया गया है। किशोर के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। परिजनों का बयान भी दर्ज किया जाएगा। तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी है-आलोक मणि त्रिपाठी, शहर कोतवाल।
