गोरखपुर: त्योहारी मौसम में कोरोना व्यवहार सिखाएगी ‘‘चैंपियन सीएमओ’’

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Edited By Amrit Vichar
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• सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी और उनके परिवार पर आधारित है डाक्यूमेंट्री फिल्म• सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च ने क्रियेटिव क्रू के सहयोग से बनाया है फिल्म• स्वास्थ्य विभाग इस फिल्म के जरिये लोगों को करेगा जागरूक•डीडब्ल्यूआर की बैठक में किया गया फिल्म का लोकार्पण गोरखपुर। दीपावली और छठ पर्व के बीच स्वास्थ्य विभाग ने …

  • • सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी और उनके परिवार पर आधारित है डाक्यूमेंट्री फिल्म
  • • सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च ने क्रियेटिव क्रू के सहयोग से बनाया है फिल्म
  • • स्वास्थ्य विभाग इस फिल्म के जरिये लोगों को करेगा जागरूक
  • •डीडब्ल्यूआर की बैठक में किया गया फिल्म का लोकार्पण

गोरखपुर। दीपावली और छठ पर्व के बीच स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना समुचित व्यवहार बताने के लिए लीक से हट कर एक नयी पहल की है। विभाग की ओर से ‘‘चैंपियन सीएमओ’’ फिल्म की लांचिंग की गयी है जिसके जरिये समुदाय को जागरूक किया जाएगा। इस डाक्यूमेंट्री फिल्म में सीएमओ और उनके परिवार की कहानी है जिसमें बताया गया है कि किस प्रकार इस परिवार ने कोरोना का सामना किया। साथ ही यह भी संदेश दिया गया है कि कोरोना से किस प्रकार सतर्क रह कर बचाव किया जाना चाहिए। सीएमओ के पूरे परिवार के कोरोना पॉजीटिव होने और उससे बचाव का मुख्य संदेश फिल्म के जरिये दिया गया है। इस फिल्म को स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) ने क्रियेटिव क्रू प्रोडक्शन के सहयोग से तैयार किया है। फिल्म क्रियेटिव क्रू के यू-ट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।

सी एम ओ कार्यालय कक्ष में गुरूवार को समस्त अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), और यूएनडीपी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में फ़िल्म का लोकार्पण किया गया। फिल्म देख कर उपस्थित लोगों ने सराहना की।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सीफॉर की तरफ से हुए इस सकारात्मक प्रयास का उद्देश्य जनसमुदाय को जागरूक करना है और उनके बीच से कोरोना का भय समाप्त करना है। उन्होंने बताया कि त्योहरों के इस दौर में लोगों का कोरोना के प्रति जागरूक होना नितांत आवश्यक है। फिल्म में प्रमुख सहयोगी रहे अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि करीब सात मिनट की यह फिल्म कोरोना के प्रति जनमानस के भीतर के भय-भ्रांति को तो दूर करेगी ही, साथ में सतर्कता का उपाय भी बताएगी। फिल्म निर्माण में क्रियेटिव क्रू के निर्देशक अश्विन आलोक, सहयोगी शुभम पांडेय, एसीएमओ डॉ. नंद कुमार, जिला क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट डॉ. मुस्तफा खान और सीफॉर के प्रतिनिधि नदीम एवं वेद प्रकाश पाठक ने विशेष योगदान दिया है।

इस अवसर पर डीएचईआईओ केएन बरनवाल, ड्रिस्टिक्ट एआरओ केपी शुक्ला, एआरओ एसएन शुक्ला, आयुष्मान भारत सेल से विनय पांडेय, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डाक्टर संदीप पाटिल, प्रतिरक्षण अधिकारी दिलीप श्रीवास्तव, यूएनडीपी प्रतिनिधि राजीव रंजन और पवन प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।

कोरोना निगेटिव होने के बाद की भी जानकारी

डाक्यूमेंट्री फिल्म में यह भी बताया गया है कि कोरोना निगेटिव होने के बाद किस प्रकार के लक्षण सामने आते हैं और क्या सतर्कता रखनी चाहिए। फिल्म में उन मनोवैज्ञानिक तौर-तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गयी है जिनके जरिये कोरोना का सामना किया जाना चाहिए। होम आइसोलेशन के बारे में भी प्रामाणिक जानकारी दी गयी है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि फिल्म काफी रोचक बनी है और उम्मीद की जा रही है कि क्रियेटिव क्रू चैनल पर कोविड संबंधित पूर्व में बनी फिल्मों ‘नमस्ते’ एवं ‘जीतेगा इंडिया’ की तरह ही इसे भी अच्छा रिस्पांस मिलेगा।

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