Kannauj: बैंक ऑफ बड़ौदा को फरमान: पीड़ित के खाते में जमा करें तीन लाख, युवक ने धोखाधड़ी का लगाया था आरोप, जानिए पूरा मामला
कन्नौज, अमृत विचार। अगर आप बैंक शाखा में रुपये जमा करते हैं और उसका लेखाजोखा नहीं देखते या रखते हैं तो सावधान हो जाएं। जरा सी चूक में आपको चूना लगाया जा सकता है। ऐसा ही तीन लाख रुपये अंकित न करने का एक मामला चार साल पुराना है जिसमें खाताधारक को जिला उपभोक्ता आयोग से राहत मिली है।
तहसील सदर के अधिवक्ता यादवेंद्र किशोर यादव ने बताया कि गुगरापुर क्षेत्र के हनुमंत खेडा गांव निवासी प्रताप सिंह हाल पता सरायमीरा मोहल्ला आंबेडकरनगर ने दो मार्च 2020 को बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा प्रबंधक सौंसरापुर और क्षेत्रीय प्रबंधक आगरा के नाम वाद दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि सात जनवरी 2019 को एक लाख रुपये और 22 जनवरी को दो लाख रुपये कुल तीन लाख रुपये नकद जमा किए थे।
रुपये जमा करने के बाद उसका अंकन न करके धोखाखड़ी की गई है। 17 फरवरी को जब वह बैंक शाखा गया और पासबुक में इंट्री कराने को कहा तो पता चला कि तीन लाख रुपये नहीं चढ़े हैं। दूसरी ओर बैंक के अधिवक्ता ने तर्क दिया के वादी पर 6,66,214 रुपये का लोन है। जो तीन लाख रुपये जमा करने की बात कही गई है उसकी दोनों पर्चियां फर्जी हैं। हालांकि कुछ अन्य ग्राहकों ने रुपये जमा करने के बाद भी अंकित न करने की शिकायत बैंक अधिकारियों से की थी।
बाद में कुछ के रुपये वापस भी किए गए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष जगन्नाथ मिश्र, सदस्य वंदना मिश्रा व लोकेश पुंडीर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व साक्ष्य देखने के बाद खाताधारक के पक्ष में फैसला दिया है। कहा है कि बैंक ऑफ बड़ौदा प्रतिष्ठित शाखा है। सेवा में कमी दिखाने की पुष्टि हुई है।
इसलिए निर्णय के 45 दिनों के अंदर खाताधारक की ओर से बैंक शाखा में जमा की गई कुल तीन लाख रुपये की धनराशि डिपाजिट करें। साथ ही ब्याज भी दिया जाए। इसके अलावा खातधारक को पांच हजार वाद व्यय और 10 हजार रुपये मानसिक कष्ट के बदले में भी अदा करें।
