बदायूं : गोली मारकर हत्या करने के छह दोषियों को आजीवन कारावास

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने सुनाया फैसला, दोषियों पर लगाया जुर्माना

बदायूं, अमृत विचार। लगभग 17 साल पहले गोली मारकर हत्या करने के छह आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ती दोषियों पर 21 हजार और तीन पर 18 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। मुकदमा के विचारण के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव मकईया निवासी रघुवीर ने 5 मई 2007 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि बचपन में वह अपने मामा राम प्रकाश के साथ रहते थे। उनकी कोई संतान नहीं थी। गांव पृथ्वीपुर निवासी जुगेंद्र उर्फ भूरे ने मामा की जमीन और मकान पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने कुछ दिन पहले अपनी कब्जाई जमीन को वापस ले लिया था। जिसके चलते जुगेंद्र रघुवीर से रंजिश मानने लगा था। 5 मई की सुबह रघुवीर अपने मामा रामप्रकाश व जुगल किशोर के साथ पर गांव सेरा से बिसौली आए थे। कस्बा बिसौली के पास पहुंचे। जहां जुगेंद्र अपने साथी जौहरी, सतीश, सूरजपाल, गुड्डू, पोप सिंह और मुकेश के साथ खड़ा था। उनके पास तमंचे थे। उन्होंने जान से मारने की नीयत से दिनदहाड़े सड़क पर सरेआम फायरिंग करके मामा राम प्रकाश को गोलियां मारी। मामा घायल होकर जमीन पर गिर गए। एक गोली रघुवीर के भी लगी। राहगीरों की भीड़ लग गई। राम प्रकाश को अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना की। आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष की अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद सभी को आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई। आरोपी जुगेंद्र की मुकदमा के विचारण के दौरान मौत हो गई थी।

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