पीलीभीत: सामने से चमकता पंचायत घर मगर अंदर खंडहर जैसी हालत...खिड़की, दरवाजे और ग्रिल तक गायब

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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पीलीभीत, अमृत विचार। पंचायत घरों की दुर्दशा दूर करने के लिए जिम्मेदार चाहे कितने भी दावे करें, लेकिन धरातल की तस्वीर बदलने का नाम नहीं ले रही है। अभी दो दिन पहले ही बरखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र के बढ़ेपुरा कुसुमा गांव में बने पंचायत घर की बदहाली उजागर हुई और अधिकारियों ने संज्ञान लेकर टीम भेजकर सुधार कराया। अब इससे भी अधिक बदहाल तस्वीर ग्राम पंचायत पतरासा कुंवरपुर से उजागर हुई है। यहां पर साफ सफाई और संसाधन मुहैया कराने की बात ही छोड़ दीजिए। यहां पर तो खिड़की, दरवाजे और चौखटें तक गायब हैं। इसकी भी कोई सुध नहीं ले रहा है। हास्यास्पद बात ये है कि सामने की तरफ से तो भवन चमक रहा है लेकिन फिर भीतर की तरफ सिर्फ बदहाली भरमार है।

ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पतरासा कुंवरपुर में मनरेगा योजना की शुरुआत के दौरान गांव से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर बरखेड़ा बीसलपुर मुख्य मार्ग के किनारे लाखों रुपये खर्च करके राजीव गांधी सेवा केंद्र के भवन का निर्माण कराया था। इसकी शुरुआत से ही बदहाली चल रही है। इस भवन में उस वक्त भी कोई बैठक और मनरेगा मजदूरों से संबंधित कार्य नहीं हुआ। इस भवन में फर्नीचर इनवर्टर बैट्री आदि सामान जो भवन में मुहैइया कराया जाना था। वह भी पूरा नहीं हो सका। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो गया था। इसके बाद शासन स्तर से आदेश प्राप्त हुए कि जिन ग्राम पंचायत में पंचायत घर नहीं हैं, उन ग्राम पंचायत में राजीव गांधी सेवा केंद्र के भवनों की मरम्मत कराकर ग्राम पंचायत सचिवालय बनवा दिए जाएं। इसके बाद दो साल पहले पतरासा कुंवरपुर के भवन की मरम्मत, रंगाई पुताई भी करा ली गई। मगर आज तक काम ही चल रहा है। इतना ही नहीं मरम्मत के बाद भी इस भवन की देखरेख तक नहीं कराई जा सकी। अब आलम ये है कि राजीव गांधी सेवा केंद्र से पंचायत घर का रुप ले चुके इस भवन का लोहे का मेन चैनल, दरवाजे, खिड़कियों की चौखट, ग्रिल समेत तमाम सामान ही गायब हो चुका है। दीवारें ही बची है और भवन देखकर हर कोई इसे पंचायत घर नही सिर्फ खंडहर ही बताएगा।

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सचिव बोले- मेरे कार्यकाल में नहीं, पहले का मामला 
बढ़ेपुरा ताल्लुके कुसुमा की तरह पतरासा कुंवरपुर ग्राम पंचायत के भी सचिव रमावीर गंगवार ही हैं। उनके क्षेत्र के एक-एक कर दो पंचायत सचिवालयों की तस्वीर उजागर हो चुकी है। खिड़की, चौखट, दरवाजे, खिड़कियों की ग्रिल आदि सामान गायब होने को लेकर उनका तर्क है है कि ग्राम पंचायत सचिवालय से जो भी सामान गायब हुआ है वह उनके कार्यकाल का नहीं है। ये सब तो पुराने सचिव के समय में बदहाल हुआ है। जबकि खंडहर नुमा पंचायत घर के परिसर में झाड़ियां उगी हुई है। जिसकी साफ सफाई कराने की जिम्मेदारी भी कोई नहीं उठा रहा है। वहीं  सचिव का कहना है कि नशेड़ी लोग दरवाजे, खिड़की चोरी कर ले गए थे। सवाल ये है कि फिर जिम्मेदार कोई भी तैनात रहें हों लेकिन एफआईआर क्यों नहीं कराई गई।

जानिए क्या बोले डीपीआरओ
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं था। इसके बारे में मौजूदा सचिव से जानकारी की गई तो पता चला है कि कुछ नशेड़ी खिलाड़ी दरवाजे आदि चोरी कर ले गए थे। इसका तत्काल सुधार कराने और चोरी से संबंधित एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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