संभल हिंसा : अब 16 दिसंबर तक अपने बयान दर्ज कर सकेंगे अधिकारी
जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा की चल रही मजिस्ट्रियल जांच
बहजोई, अमृत विचार। संभल की जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा को लेकर चल रही मजिस्ट्रियल जांच अधिकारियों के बयान दर्ज न कराने की वजह से समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। 9 दिसंबर को भी कोई अधिकारी अपने बयान दर्ज करने नहीं पहुंचा। अब 16 दिसंबर तक मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को बयान के लिए बुलाया है।
संभल में जमा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल हुआ था। पथराव व फायरिंग में कई लोगों की मौत हुई थी। इसे लेकर डीएम राजेंद्र पेंसिया ने मजिस्ट्रियल जांच बैठाई थी। यह जांच डिप्टी कलेक्टर दीपक चौधरी को सौंपी थी। डिप्टी कलेक्टर ने संभल में हिंसा के दौरान मौजूद अधिकारियों के बयान दर्ज करने के लिए 9 दिसंबर का समय दिया था। लेकिन इस दिन भी कोई अधिकारी अपने बयान दर्ज कराने मजिस्ट्रेट के सामने नहीं पहुंचा। अधिकारियों ने अपने बयान दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट से और समय मांगा है। अब बयान दर्ज करने के लिए 16 दिसंबर को मजिस्ट्रेट दीपक चौधरी ने नोटिस जारी कर अधिकारियों को बुलाया है। डिप्टी कलेक्टर दीपक चौधरी ने बताया कि अभी तक चल रही जांच में अधिकारियों के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। अधिकारियों ने और समय मांगा है। अब 16 दिसंबर को उन्हें अपने बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है।
