बहराइच: भारत और नेपाल के अधिकारियों ने जताई चिंता, नाबालिग लड़कियों की तस्करी का सच आया सामने
रूपईडीहा/बहराइच, अमृत विचार। भारत नेपाल सीमा स्थित एसएसबी मुख्यालय में गुरुवार को दोनों देश के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में मानव तस्करी को लेकर चिंता जताई गई। साथ ही नेपाल के पुलिस अधिकारियों से युवतियों को नेपाल न ले जाकर भारत में सौंपे जाने की मांग रखी गई। जिस पर तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
एसएसबी 42वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में 209 सेक्टर स्तरीय एलआईए बैठक का आयोजन हुआ। बैठक की अध्यक्षता वी.विक्रमन उप महानिरीक्षक, एसएसबी, सेक्टर मुख्यालय लखीमपुर खीरी ने की। बैठक में भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने कहा कि रुपईडीहा लैंड पोर्ट से तस्करी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए समस्त सम्बन्धित एजेंसियों को संयुक्त रूप सूचना एकत्रित कर बड़े तस्करों पर कार्रवाई करने का प्रयास करना चाहिए। जिससे कि भारत-नेपाल सीमा पर किसी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो सके और न ही इसका दुरुपयोग हो सके।

मानव तस्करी के मामले अक्सर ही बड़ी संख्या में देखने को मिल रहें हैं, जिसमें पीड़िता और अभियुक्त दोनों को नेपाल राष्ट्र की पुलिस को वापस कर दिया जाता है। जिस कारण उनपर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। साथ ही यह भी देखने में आया है कि ऐसे मामलों में पीड़िता के परिजन ही अक्सर तस्करी के लिए स्वीकृति प्रदान करते हैं। मीटिंग मे तस्करी की गयीं नाबालिग लड़कियों को भारतीय पुलिस को सुपुर्द किये जाने के लिए अनुरोध किया गया, जिससे कि उनपर प्रभावी कार्रवाई अमल में लायी जा सके। इसके अतिरिक्त सीमा क्षेत्र में नेपाल से आने वाली सभी जमातों पर नजदीकी से सतर्क निगरानी के लिए निर्देशित किया। जिससे कि किसी प्रकार की राष्ट्र अथवा समाज विरोधी गतिविधियां न पनप न सकें।
बैठक में एसएसबी के उच्चाधिकारीगण, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, खुफिया एजेंसियों, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। उनके द्वारा सभी विभागों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत बनाने तथा सीमा सुरक्षा को प्रभावी बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए, साथ ही निर्देशित किया गया कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए तस्करी, मानव तस्करी, और अन्य अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस दौरान कमांडेंट, सहायक कमांडेंट के अलावा नेपाल और भारत के अधिकारी शामिल रहे।
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