बरेली: सड़क पर उतरे आईएमसी पदाधिकारी बोले-बांग्लादेश में हिंदुओं और संभल में मुसलमानों पर हो रहा जुल्म

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आईएमसी पदाधिकारियों ने किया बांग्लादेश में हिंदुओं पर ज्यादती का विरोध

बरेली, अमृत विचार। आला हजरत खानदान से संबंध रखने वाले मौलाना तौकीर रजा खां के नेतृत्व वाली पार्टी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। बांग्लादेश में हिंदुओं और संभल में मुसलमानों पर ज्यादती रोकने की मांग उठाई गई। साथ ही कहा गया कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ अपने सभी राजनयिक संबंध खत्म करे।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस खां की तरफ से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट पर दिया गया। जिसमें बताया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ ज्यादती की जा रही है। जिसकी आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) कड़े शब्दों में निंदा करती है। राष्ट्रपति से मांग करते हुए कहा गया कि भारत सरकार को निर्देश देकर बांग्लादेश के साथ सभी तरह के राजनयिक संबंधों पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा बांग्लादेश को भारत की तरफ से दी जाने वाली सहायता को भी बंद किया जाए। आईएमसी के रजाकारों को फौरी तौर से बांग्लादेश भेजने की व्यवस्था की जाए जिससे वहां जाकर बहुसंख्यक समुदाय द्वारा की जा रही ज्यादती का विरोध कर सकें। इस दौरान डॉ. नफीस खां, नदीम खान, साजिद सकलैनी, अनीस सकलैनी, सैयद रेहान अली, अफजाल बेग, हाफिज शराफत, चौधरी राशिद खान, हाजी साजिद, रुख्सार खां, कामरान अहमद, जुल्फिकार अली आदि मौजूद रहे।

संभल पुलिस कर रही ज्यादती
वहीं संभल में हुई हिंसा के बाद पैदा हुए माहौल पर भी आईएमसी पदाधिकारियों ने एतराज जताया। आरोप लगाया कि संभल में पुलिस मुसलमानों पर जुल्म ढा रही है। जिसकी आईएमसी कड़े शब्दों में निंदा करती है। भारत का संविधान देश के नागरिकों को धर्मनिर्पेक्ष और पंथनिर्पेक्ष रहने की गारंटी देता है। जबकि संभल में निहत्थे अल्पसंख्यकों पर सीधी गोली चलाकर उनकी हत्या की गई। सैकड़ों लोग पुलिस की गोली से घायल हुए। उल्टा पीड़ित अल्पसंख्यकों पर ही गंभीर धाराओं में मुकदमें दर्ज हुए। लिहाजा वर्तमान अधिकारियों को हटाकर न्यायिक जांच कराने की मांग राष्ट्रपति से की गई।

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