बरेली: कैदियों को सिखाए ढींगरी मशरूम उत्पादन के तरीके
बरेली,अमृत विचार। केंद्रीय कारागार में सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ढींगरी मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि इस मशरूम को 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान पर आसानी से उगाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने सभी बंदियों व …
बरेली,अमृत विचार। केंद्रीय कारागार में सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ढींगरी मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि इस मशरूम को 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान पर आसानी से उगाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने सभी बंदियों व अधिकारियों का स्वागत करते हुए मशरूम उगाने के महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने इसे स्वरोजगार के लिए बेहतर विकल्प बताया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ढींगरी प्रजाति के मशरूम सभी विटामिन, लोहा, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जैसे खनिजों से भरपूर होता है। इस मशरूम में प्लेरोटिन नाम रसायन होता है जो केंसर रोधी होता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और कार्बोहाइड्रेट और वसा न के बराबर होते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के विषय विशेषज्ञ रंजीत सिंह ने ढींगरी मशरूम के उत्पादन के साथ विपणन की भी जानकारी दी।
इस मौके पर प्रगतिशील किसान ने प्रयोग करके दिखाया। केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक आरएन पांडेय ने सभी बंदियों व बंदीरक्षकों से कहा कि वे मशरूम की खेती करने से स्वास्थ्य भी सही रहेगा और रोजगार भी होगा। प्रशिक्षण के दौरान 20 बंदी मौजूद रहे। कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा जेल अधीक्षक को मशरूम का स्पान, फार्मेलीन, पॉलीथिन थैले, चूना आदि प्रदर्शन के लिए दिए गए। इस मौके पर जेलर हरीश कुमार, उप जेलर प्रशांत कुमार उपस्थित रहे।
