Kanpur News : महिला सशक्तीकरण का बनेगा मजबूत रोड मैप  

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। विधानसभा की कार्रवाई में महिला विधायकों की सहभागिता बढ़ाने और संसदीय लोकतंत्र की मजबूती में उनकी भूमिका जैसे विषयों पर मंथन के साथ  महिलाओं को समर्पित सदन को लेकर बिठूर सम्मेलन में बुधवार को महत्वपूर्ण चर्चा होगी। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 56 महिला विधायक भाग लेंगी। सम्मेलन में महिला सशक्तीकरण, महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता और निर्णयकारी संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजनीति में महिला सशक्तीकरण पर सरकार की योजनाओं पर पक्ष रख सकते हैं।

बिठूर सम्मेलन को कॉमन पार्लियामेंट्र एसोसिएशन (सीपीए) महिला विधायकों के विशेष सत्र का विस्तार कहा जा रहा है। इसे महिला विधायकों के मिनी सदन के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन में प्रॉक्सी पॉलिटिक्स बड़ा मुद्दा हो सकता है। विधानसभा में प्रॉक्सी पॉलिटिक्स पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने चिंता जताते हुए कहा था कि महिलाएं जनप्रतिनिधि तो चुनी जाती हैं, लेकिन ज्यादातर महिला विधायकों के स्थान पर उनके पति, भाई, पुत्र और पिता काम करते हैं। इस परंपरा को खत्म करने के लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सदन में महिला सशक्तीकरण को लेकर एक दिवसीय सदन का विचार और उस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की पहल की विभिन्न राज्यों में सराहना हुई थी।

उत्तर प्रदेश विधान सभा में महिला जनप्रतिनिधियों को समर्पित सदन की पहल का नतीजा यह रहा कि जो महिलाएं खामोश रहती थीं, वह भी सदन में मुद्दों पर पार्टी लाइन के हिसाब से बोलने लगीं। बिठूर के सम्मेलन में भी महिला विधायकों की सत्ता से सवाल पूछने की योजना है। विकास, अर्थव्यवस्था और ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर विचार सामने आ सकते हैं। इस सम्मेलन को महिला आरक्षण कानून के परिप्रेक्ष्य में भी देखा जा रहा है।  

सम्मेलन की रिपोर्ट राज्य विधान सभाओं को भेजी जाएगी

कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन की पहल पर बिठूर में पहली बार आयोजित होने वाला महिला सम्मेलन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  महिला आरक्षण कानून के बाद सदनों के बदलने वाले परिदृश्य और संसदीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए इसे दूरगामी पथ प्रदर्शक के रूप में देखा जा रहा है। इसी कारण सम्मेलन की पूरी कार्रवाई देश भर में राज्यों की विधान सभाओं को भेजी जाएगी।

विस में 12 फीसदी प्रतिनिधित्व
उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस समय 48 महिला विधायक हैं। 22 सितंबर 2022 को महिला विधायकों के विशेष सत्र की कार्रवाई को देखें तो तब की 47 महिला विधायकों में 38 ने महिला अधिकार, महिला अधिकार, रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा, स्वावलंबन जैसे विषयों पर अपनी राय रखी थी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना कहते हैं कि विशेष सत्र के जरिए न केवल महिला विधायकों की वाकपटुता और पोलिटिकल स्किल सामने आया बल्कि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र की  समस्याओं के निस्तारण में उनकी संवेदनशीलता भी प्रकट हुई। महाना के अनुसार सदन संचालन, भागीदारी और नवीकरण के जो मानक उत्तर प्रदेश विधानसभा ने स्थापित किए हैं, उसे देश में अनुकरणीय कहा जा रहा हैं।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो हर बार महिला विधायकों की संख्या में इजाफा होता रहा है। राज्य से इंदिरा गांधी पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं तो सरोजिनी नायडू ने कानपुर में 1925 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष का पदभार महात्मा गांधी से ग्रहण किया था। आजादी के बाद सुचेता कृपलानी राज्य की पहली मुख्यमंत्री बनीं तो मायावती पहली दलित महिला मुख्यमंत्री हुईं। पहली विधानसभा में जहां 11 महिला सदस्य चुनकर आयीं थी तो दूसरी में 26, तीसरी में 19, चौथी में सात, पांचवीं में 19, छठी में 21, सातवीं में 13, आठवीं में 23, नौवीं में 31, दसवीं में 19, ग्यारहवीं में 10, 12वीं में 16, 13वीं में 20, चौदहवीं में 32, 15 वीं में 30, 16वीं में 40, 17वीं में 44 और 18वीं में 48 महिला विधायक विधानसभा पहुंची हैं।

भाजपा विधायक नीलिमा कटियार ने बताया कि  बिठूर सम्मेलन लोकतंत्र की मजबूती व महिला सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रम से न केवल प्रॉक्सी पॉलिटिक्स हतोत्साहित की जा सकेगी बल्कि नारी शक्ति वंदन कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मजबूत नींव तैयार होगी,  जिससे संसदीय लोकतंत्र और सशक्त होगा। सपा विधायक नसीम सोलंकी ने बताया कि महिला सुरक्षा राज्य में बड़ा मुद्दा है। इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई बार चिंता व्यक्त की है। इसके अलावा महिला विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र मुद्दों के साथ ही बेरोजगारी, महंगाई से जनता त्रस्त है। विधानसभा के प्रत्येक सत्र में महिला विधायकों के लिए विशेष सत्र एक अच्छी पहल है।


मुख्यमंत्री का कार्यक्रम

-सुबह 11 बजे रोजिएट पैलेस हॉल, ईटरनिटी होटल बिठूर में मुख्यमंत्री का आगमन 
-11.15 बजे यूपी विधानसभा अध्यक्ष का उद्बोधन।
-11.25 बजे उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष का उद्बोधन।
-11.35 बजे मुख्यमंत्री द्वारा सम्मेलन का उद्घाटन व उद्बोधन
-दोपहर 12.30 बजे गोष्ठी का प्रथम सत्र 
-3 बजे गोष्ठी का द्वितीय सत्र
-शाम 4 बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का आगमन
-शाम 5.30 बजे दर्शनीय स्थलों का भ्रमण

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