देश के शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों में मुरादाबाद चौथे नंबर पर
मुरादाबाद,अमृत विचार। आखिरकार शहर के साथ हुआ वही जिसका डर था। मंगलवार को शहर की हवा अचानक गंभीर स्थिति में पहुंच गयी। दिन में खिलखिलाकर घूप भी नहीं खिली और शाम के पहले चारों ओर धुंध छा गयी। इस बीच मौसम विभाग एमीमोमीटर ने डरवाने वाले शहर की तस्वीर दिखा दी। मुरादाबाद का एक्यूआई 154 …
मुरादाबाद,अमृत विचार। आखिरकार शहर के साथ हुआ वही जिसका डर था। मंगलवार को शहर की हवा अचानक गंभीर स्थिति में पहुंच गयी। दिन में खिलखिलाकर घूप भी नहीं खिली और शाम के पहले चारों ओर धुंध छा गयी। इस बीच मौसम विभाग एमीमोमीटर ने डरवाने वाले शहर की तस्वीर दिखा दी। मुरादाबाद का एक्यूआई 154 पहुंच गया। यह रीडिंग लाल स्तर को दर्शाती है। दिवाली के बाद यहां की हवा देश के दस प्रदूषित शहरों में दर्ज है। मुरादाबाद देश के चौथे प्रदूषित में पहुंच गया।
नवंबर माह से शहर की हवा रेड जोन में बनी हुई थी। जबकि दिवाली को लेकर मानीटरिंग एजेंसी और जिला प्रशासन के लोग डरे हुए थे। दिवाली पर यहां के हवा की गुणवत्ता खराब ने हो इसे लेकर प्रशासन ने एनजीटी के आदेश को कड़ाई से लागू कराया। शहर में पटाखा की बिक्री और प्रयोग पूरी तरह से रोकी गयी। यह अगल बात है कि इस मुद्दे पर प्रशासन को पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पाई। मगर, दिवाली के बाद मौसम ने साथ दिया और हवा के झोंके ने शहर का फिजा बेहतर कर दिया।
अचानक शहर के हवा में मानवजीवन को खतरा उत्पन्न करने वाले तत्वों की मात्रा काफी नियंत्रित हो गयी। लेकिन यह खुशी कुछ देर या कुछ घंटे तक के लिए ही रही। मंगलवार की सुबह से ही शहर की हवा की गुणवत्ता बिगड़ने की सूचनायें आने लगी। दिन में कई बार शहर के हवा की एक्यूआई गिरता उठता रहा। यानी की चंद समय के बाद ही यहां की हवा खतरनाक दशा में पहुंच गयी।
देश के दूषित हवा वाले प्रमुख शहर
शहर एक्यूआई
मुरादाबाद 165
आगरा 114
अहमदाबाद 140
दिल्ली 168
गाजियाबाद 166
ग्रेट नोयडा 178
ग्वालियर 136
कानपुर 087
लखनऊ 120
मेरठ 144
(एक्यूआई स्रोत- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की साइट)
यह है एक्यूआई का मानक
00-50 अच्छा
51-100 संतोषजनक
101- 200 मध्यम
201- 300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर
विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
नगर निगम और एसपी ट्रैफिक को इस संबंध में पत्र जारी किया जा चुका है। शहर में सड़कों की धुलायी की रही है। इसके साथ शहर में संचालित उद्योगों को भी फिर से पत्र जारी किया गया है। यहां पर घरेलू उद्योग और वाहनजनित प्रदूषण अधिक है। जबकि प्रकृति का कोप सबसे ऊपर है। बावजूद इसके शहर में धुंध जैसे हालत नहीं है।
