Kannauj हादसा: एक दिन पहले ही खिसकने लगी थी बल्ली, मजदूरों ने शटरिंग लगाने वालों को दी थी जानकारी, ठेकेदार ने की लापरवाही

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Edited By Amrit Vichar
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कन्नौज, अमृत विचार। कन्नौज रेलवे स्टेशन पर हो रहे निर्माण कार्य के दौरान भारी भरकम लिंटर गिर गया। इसकी मुख्य वजह यह रही कि करीब 50 मीटर भवन पर लिंटर डालने में जो शटरिंग लगाई गई थी वह लोहे की थी लेकिन ठेकेदार ने कुछ स्थान पर लकड़ी की बल्ली लगा दी थी। यह वजन अधिक होने पर दो दिन पहले ही खिसक गई थी। मजदूरों ने इसकी जानकारी ठेकेदार को दी भी थी लेकिन ध्यान न देने से यह बड़ी घटना हो गई।

रेलवे स्टेशन पर भवन निर्माण के दौरान शटरिंग लगाने वाले ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। उसने करीव 50 मीटर लंबे भवन के लिंटर से पहले जो शटरिंग लगाई थी उसमें अधिक तर लोहे के पाइपों का प्रयोग किया था। पर कुछ स्थानों पर लकड़ी की बल्ली लगा दी थी जो लिंटर पड़ने के बाद खिसकने लगी थी। इससे प्लाई कई स्थान पर नीचे की ओर झुक गई। 

मजदूरों ने घटना के एक दिन पहले ही ठेकेदार के कर्मचारियों को जानकारी दे दी थी कि शटरिंग खिसक रही है। इस पर शटरिंग लगाने वाले कर्मचारी ने लिंटर पड़ने के दौरान लकड़ी की बल्ली को ठीक करने का प्रयास किया। इसी दौरान लिंटर का वजन अधिक होने से बल्ली पूरी तरह से हट गई और लिंटर गिरने लगा। चंद मिनट में तीन पिलर के बीच का लिंटर गिर गया। 

खास बात यह रही कि लिंटर तीन दिन से डाले जाने से अभी वह पूरी तरह से पका नहीं था। इससे लिंटर गिरते ही सरिया और मलवा अलग हो गया। जो मजदूर लिंटर डाल रहे थे वह सरिया के साथ नीचे गिरे पर वह मलबे के नीचे नहीं पहुंचे। बताया जाता है कि मलबे में वही मजदूर दबे हैं जो शटरिंग को ठीक कर रहे थे। पर अभी पूरी तरह से मलबा न हटने से यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि मजदूर दबे हैं या नहीं। यह मलबा हटने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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