बरेली: ड्रोन कैमरे से होगा सर्वे, जमीन आपकी है या सरकार की

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली,अमृत विचार। ग्रामीण क्षेत्रों में बने आवास या आवासीय भूमि का कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे ग्रामीणों के बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं। ऐसे विवादों को समाप्त कर भवन व भूखंड का मालिकाना हक दिलाने के लिए शुरू की गई स्वामित्व योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले की नवाबगंज और मीरगंज …


बरेली,अमृत विचार। ग्रामीण क्षेत्रों में बने आवास या आवासीय भूमि का कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे ग्रामीणों के बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं। ऐसे विवादों को समाप्त कर भवन व भूखंड का मालिकाना हक दिलाने के लिए शुरू की गई स्वामित्व योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले की नवाबगंज और मीरगंज तहसील में सर्वे का काम चल रहा है। अफसरों का कहना है कि गांव की भू-संपत्ति का लेखा-जोखा रखने के लिए शुरू की गई इस योजना में प्रत्येक व्यक्ति की संपत्ति की ड्रोन के जरिए मैपिंग की जाएगी। मैपिंग के बाद भूमि स्वामित्व का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इस प्रमाण पत्र के आधार पर यह पता चल जाएगा कि कौन सी जमीन संबंधित व्यक्ति की है और कौन सी ग्राम समाज की। भूमि का प्रमाण पत्र मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति अपने आबादी भू-खंड पर बैंक से लोन भी ले सकेंगे। इसको लेकर राजस्व विभाग की टीम गांव में आबादी और सरकारी जमीन का सर्वे का काम कर रही है।


जनपद में गांव में अभी तक बने मकान या खाली पड़ी जमीन का कोई राजस्व दस्तावेज नहीं होता है। नतीजतन लोग कब्जे के आधार पर जमीन के मालिक माने जाते थे। इसको लेकर भारत सरकार ने स्वामित्व योजना शुरू कर गांव वालों की उम्मीदों को पंख लगा दिये हैं। मकान व खाली जमीनों पर अधिकृत मालिक घोषित करने की पहल की है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर की थी। योजना को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई इस योजना में चयनित नवाबगंज और मीरगंज तहसील में जिला प्रशासन की तरफ से गांवों का सर्वे का काम शुरू किया गया है। बताया जाता है पहले चरण में राजस्व विभाग की टीम में शामिल (लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी) को लगाया गया है। जो पहले गांव में जाकर राजस्व अभिलेखों के मुकाबले मौके पर जांच करेंगे और उसके बाद में आबादी का अलग से नक्शा तैयार कर डाटा को विभाग की साइट पर अपलोड कर शासन को भेजेंगे। दूसरे चरण में ड्रोन कैमरे से फोटो खींचकर विभाग की साइट पर डाली जाएंगी उसके लिए प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

ग्रामीणों को कई होंगे फायदे
योजना के जरिये ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को कई फायदे होंगे। मालिकाना हक मिलने से संपत्ति को लेकर भ्रम और झगड़े खत्म हो जाएंगे। इसके अलावा सभी लोगों को उनके आवासों के अभिलेख दिए जाएंगे। इन अभिलेखों में बाकायदा उनकी खतौनी भी दी जाएगी। जिससे वह शासन की हर योजना का लाभ उठा सके।

केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी जिला प्रशासन के सहयोग से तेज कर दी गई है। इस कार्य के पूरा होने पर ग्रामीणों को कई लाभ मिलेंगे। इसके साथ ही मालिकाना हक को लेकर गांव में होने वाले झगड़े भी नहीं होंगे। -धर्मेंद्र कुमार, जिला पंचायती राज अधिकारी

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