मुरादाबाद: छजलैट थाने के सामने जाम लगाने के मामले में बरकरार रहेगी आजम खां की सजा

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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सजा रद करने को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में दाखिल आजम खां की याचिका हुई खारिज

मुरादाबाद, अमृत विचार। छजलैट थाने के सामने जाम लगाने के मामले में सीतापुर जेल में बंद सपा के राष्ट्रीय महासचिव आज़म खान को गुरुवार को मुरादाबाद की एमपी/एमएलए एडीजे 5 कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। यहां की एमपी/एमएलए एडीजे 5 कोर्ट ने आज़म खान द्वारा की गई सजा के खिलाफ की गई अपील को ख़ारिज कर दिया है। इसी मामले सजा याफ्ता उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की याचिका की अलग सुनवाई चल रही है।

सपा के राष्ट्रीय महासचिव आज़म खान एवं अब्दुल्ला आज़म ने वर्ष 2008 में छजलैट थाने के सामने जाम लगाया था। इस मामले में दर्ज मुकदमे में मुरादाबाद की एमपी/एलएलए विशेष कोर्ट ने आज़म खान एवं उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को दो साल की सजा सुनाई थी और पिता-पुत्र पर 3-3 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। एमपी/एलएलए विशेष कोर्ट की सजा के खिलाफ ही आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म दोनों ने अलग-अलग कोर्ट में अपील की थी। 

आज़म खान की सजा के खिलाफ अपील को गुरुवार को एमपी/एमएलए एडीजे 5 कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अपील को खारिज करते हुए सत्र न्यायधीश ने सजा को बरकरार रखने के साथ उन्होंने अपर न्यायालय के आदेश को भी बरकरार रखा है। इस मामले की पुष्टि विशेष लोक अभियोजक एमपी/एमएलए कोर्ट मोहन लाल विश्नोई ने भी की है। मोहन लाला विश्नोई ने बताया कि अब्दुल्ला आजम की अपील की सुनवाई अन्य कोर्ट में अभी लंबित है। अब्दुल्ला आजम के मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई जारी है।

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