लखीमपुर खीरी: कोठिया गुलरा में वन विभाग के पिंजड़े में कैद हुआ तेंदुआ
मझगईं, अमृत विचार: वन रेंज मझगईं क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ शनिवार सुबह गांव कोठिया गुलरा के पास लगाए गए पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुआ पकड़े जाने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम पिंजड़ा समेत तेंदुए को मझगईं वन रेंज लाई, जहां उसे रखा गया है। वन अधिकारी यह तय करने के लिए उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रहे हैं कि तेंदुए को कहां छोड़ा जाना है।
दुधवा नेशनल पार्क के बफर ज़ोन से निकला यह तेंदुआ कई दिनों से मझगईं क्षेत्र के गांवों में आतंक का कारण बना हुआ था। वह कई बकरियों को अपना शिकार बना चुका था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई थी। लोग खेतों की तरफ जाने से डर रहे थे। वन विभाग की टीम पिछले दस दिनों से कोठिया गुलरा बॉर्डर पर पिंजड़ा लगाए हुए थी और तेंदुए की लगातार निगरानी कर रही थी। पिंजड़े में शिकार के लिए एक बकरी को बांधा गया था।
शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बकरी का शिकार करने के लालच में तेंदुआ गन्ने के खेत से निकलकर पिंजड़े के पास आ गया। जैसे ही उसने बकरी का शिकार करने की कोशिश की, वह पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुआ पकड़े जाने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह और मझगईं पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। भीड़ को पिंजड़े के पास जाने से रोकने के लिए वन विभाग और पुलिस टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
लोग तेंदुए की फोटो और वीडियो मोबाइल में लेने के लिए बेहद उत्सुक थे। किसी तरह पुलिस और वन विभाग के कर्मियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। वनकर्मी तेंदुए को पिंजड़े समेत वन रेंज कार्यालय ले गए हैं। तेंदुआ पकड़े जाने की सूचना आला अधिकारियों को दे दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की टीम तेंदुए का परीक्षण करेगी। उसके बाद उच्चाधिकारियों के आदेश के अनुसार उसे उचित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
यह भी पढ़ें- शाहजहांपुर : गलत विवेचना में फंसे इंस्पेक्टर बीएस वर्मा, कोर्ट ने FIR दर्ज कराने के दिए आदेश
