भाषा विश्वविद्यालय और सीबीएमआर मिलकर करेंगे शोध, संस्थानों में साइन हुआ MoU
लखनऊ, अमृत विचार: ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय और सेंटर ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के लिए समझौता हुआ है। शैक्षणिक और अनुसंधान की उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए भाषा विश्वविद्यालय ने प्रदेश सरकार के स्वायत्त निकाय सेंटर ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च एसजीपीजीआईएमएस के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है।
दोनों ही संस्थाओं के बीच कार्यात्मक सहयोग, समन्वय और शोध को बढ़ावा देने के लिए यह समझौता बेहद महत्वपूर्ण है। समझौते के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर फंडिंग के लिए संयुक्त शोध प्रस्ताव तैयार करना, तकनीकी विशेषज्ञता और शोध अनुदान साझा करना, शोध उन्मुखीकरण कार्यक्रमों का आयोजन, आपसी रुचि के विषयों पर संयुक्त रूप से सेमिनार, कार्यशालाएं, सम्मेलन और अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना है। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन लखनऊ में अनुसंधान और नवाचार के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है और शैक्षणिक समन्वय के एक उज्ज्वल भविष्य का वादा करता है। इस अवसर पर भाषा विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ. भावना मिश्रा, फार्मेसी संकाय की निदेशक शालिनी त्रिपाठी और कुलानुशासक डॉ. नीरज शुक्ल सहित संबंधित शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।
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