पीलीभीत: परिवहन विभाग के गले की फांस बनी पीटीआर में चालान की कार्रवाई
पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में संचालित सफारी वाहनों पर कार्रवाई के बाद अब परिवहन विभाग घिरता जा रहा है। पीटीआर के अधिकारियों ने चेकिंग कर चालान की हुई कार्रवाई टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में होना बताया है। ये तर्क दिया है कि बिना अनुमति टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर सफारी वाहनों पर कार्रवाई की गई। डिप्टी डायरेक्टर ने डीएम समेत अन्य उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र चल रहा है। टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा सैलानियों की सुविधा के लिए सफारी वाहनों का संचालन किया जा रहा है। इसमें कुछ जीनॉन एवं जिप्सी वाहन शामिल हैं। शनिवार को परिवहन विभाग द्वारा अनफिट एवं अधूरे अभिलेख मिलने पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में संचालित 10 सफारी वाहनों के चालान कर दिए थे। परिवहन विभाग द्वारा सफारी वाहनों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के बाद अब जंगल के नियम कानून का हवाला देते हुए घेरने की तैयारी की गई है। वन अफसरों के मुताबिक शनिवार को परिवहन विभाग के अफसरों द्वारा जिस स्थान पर सैलानियों से भरे सफारी वाहनों को रोककर चेकिंग की गई, वह स्थान पीलीभीत टाइगर रिजर्व का प्रतिबंधित क्षेत्र कच्ची पटरी कहलाता है। बताते हैं कि चेकिंग के दौरान परिवहन विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने कच्ची पर सफारी वाहनों की पहले तो घेराबंदी कर उन्हें रोका और बाद में चालान संबंधी कार्य किया, इससे पर्यटन भी बाधित रहा। टाइगर रिजर्व प्रशासन की बगैर अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना वन अधिनियम का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे में अब टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में बगैर अनुमति जाकर सफारी वाहनों पर कार्रवाई करने में परिवहन विभाग के अफसर और कर्मचारी घिरते नजर आ रहे हैं।
वन अफसरों का कहना है कि यदि परिवहन विभाग को सफारी वाहनों की चेकिंग ही करनी ही थी तो वह मुस्तफाबाद गेट पर भी चेकिंग कर सकते हैं। या फिर जो सफारी वाहन सैलानियों को लेकर निकले तो उन सफारी वाहनों की वापसी के दौरान भी चेकिंग की जा सकती थी। इससे पर्यटन भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है। फिलहाल पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने वन अफसरों और ड्यूटी पर तैनात वनकर्मियों से पूरी जानकारी लेने के बाद डीएम संजय कुमार सिंह समेत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जिस प्रतिबंधित क्षेत्र में परिवहन विभाग के अफसरों ने जाकर सफारी वाहनों पर कार्रवाई की, वह स्थान इन दिनों बाघों के मूवमेंट का प्रमुख स्थल माना जा रहा है। पिछले लंबे अरसे से कच्ची पटरी पर रोजाना ही बाघों को चहलकदमी करते देखा जा रहा है। बताते हैं कि चेकिंग के दौरान परिवहन विभाग के कुल सात अफसर-कर्मचारी पहुंचे थे।
डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व मनीष सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर स्टाफ से जानकारी की गई। परिवहन विभाग द्वारा बगैर अनुमति पीटीआर के प्रतिबंधित क्षेत्र में कार्रवाई की गई है। जोकि नियम विरुद्ध है। कार्रवाई वन क्षेत्र से बाहर भी की जा सकती थी। इस मामले में जिलाधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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