आकाश में नजर आएंगे एक नहीं बल्कि दो चंद्रमा, दुर्लभ खगोलीय घटना के अध्ययन को वैज्ञानिक उत्साहित

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अमृत विचार, नैनीताल। लोगों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि आसमान में एक साथ दो चांद नजर आएंगे। मगर सच्चाई यह है कि ऐसा होने जा रहा है। एक तरफ चांद होगा तो दूसरी तरफ चंद्रमा की तरह एस्टरॉयड नजर आ रहा होगा। यह बेहद रोमांचकारी खगोलीय घटना होगी, जो आठ साल बाद 13 …

अमृत विचार, नैनीताल। लोगों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि आसमान में एक साथ दो चांद नजर आएंगे। मगर सच्चाई यह है कि ऐसा होने जा रहा है। एक तरफ चांद होगा तो दूसरी तरफ चंद्रमा की तरह एस्टरॉयड नजर आ रहा होगा। यह बेहद रोमांचकारी खगोलीय घटना होगी, जो आठ साल बाद 13 अप्रैल 2029 में होगी। इस दुर्लभ खगोलीय घटना को लेकर वैज्ञानिकों में बेहद उत्साह बना हुआ है।

इस एस्टरॉइड का नाम 99942 एपोफिस है। जो अन्य ग्रहों की तरह सूर्य की परिक्रमा करता है। सूर्य की अगली परिक्रमा के दौरान वह 2029 में पृथ्वी के करीब पहुंचेगा। तब यह धरती के इतने करीब होगा कि चांद के बराबर नजर आएगा। इसका आकार करीब चार सौ मीटर है। इस लघुग्रह के लिए कहा जा रहा था कि यह पृथ्वी से टकरा जाएगा। मगर हाल में हुई गणना के अनुसार फिलहाल इसके टकराने की कोई संभावना नहीं है। क्योंकि वह पृथ्वी से करीब 31 हजार किमी की दूरी से गुजर जाएगा। इसके बाद यह 2036 में फिर से पृथ्वी के करीब पहुंचेगा। इस परिक्रमा में भी उसके धरती के टकराने की संभावना को वैज्ञानिकों ने नकार दिया है। मगर इसके बाद जब वह 2068 की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी से टकराएगा तो उसके पृथ्वी से टकराने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। बहरहाल यह समय अभी दूर है।

लघु ग्रह हैं पृथ्वी के सबसे बडे दुश्मन
भारतीय तारा भौतिकी संस्थान के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक प्रो. आरसी कपूर का कहना है कि धरती को अगर किसी से खतरा है तो इन्हीं लघु ग्रहों से है। जिस कारण दुनिया की कई स्पेस एजेंसियां इन पर नजर रखती हैं। इस लघु ग्रह को 2004 में खोजा गया था। तब से इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना 2029 में जताई जा रही थी। मगर अभी कुछ ऐसा होने वाला नहीं है। अगर यह पृथ्वी से टकराता है तो लाखों परमाणु बमों के बराबर उर्जा पैदा होगी। जिससे धरती के एक बड़े भूभाग को भारी नुकसान पहुंच सकता है। मगर सच्चाई यह भी है कि पृथ्वी से टकराने वाले एस्टरॉइड से बचने के लिए विज्ञान ने कई उपाय तलाश लिए हैं।

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