Mahakumbh Stampede: जानिए क्या है संगम नोज? जहां मौनी अमावस्या पर मची भगदड़, कई श्रद्धालु हुए हताहत

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज/लखनऊ। प्रयागराज में संगम की रेत पर चल रहे महाकुंभ मेले में बुधवार मौनी अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते संगम नोज पर भगदड़ मच गई जिसमें कई लोगों के हताहत होने खबर है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे में करीब 14 से अधिक लोगों की मौत हुई जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये संगम नोज क्या है, जहां भारी भीड़ देखने को मिल रही है, और इसका महाकुंभ में क्या महत्व है। 

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तो आइए जानते हैं क्या है संगम नोज....

दरअसल, संगम नोज नाम इस स्थान की बनवाट की वजह से पड़ा है। महाकुंभ में संगम नोज को स्नान के लिए सबसे अहम स्थान माना जाता है। कहा जाता है कि यहीं पर यमुना और मिथकीय नदी सरस्वती गंगा से मिलती है। ज्यादातर साधु-संत इसी स्थान पर स्नान करते हैं। श्रद्दालु भी इसी जगह पर स्नान को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं।

बता दें कि संगम नोज के क्षेत्र को हर वर्ष बढ़ाया भी जाता है। साल 2019 की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए संगम नोज का आकार और क्षेत्र को बढ़ाया गया था। जानकारी के अनुसार, पहले यहां ऐसी व्यवस्था की गई थी कि हर घंटे यहां करीब 50 हजार लोग डूबकी लगा सकते थे। लेकिन इस बार महाकुंभ को चलते इसमें बदलाव किया गया और अब यहां हर घंटे करीब 2 लाख से अधिक लोग स्नान कर सकते हैं। 

शुरुआती जानकारी के मुताबिक भारी संख्या में स्नान के लिए मंगलवार देर रात से लोग संगम नोज पर पहुंचने लगे थे। जिसके चलते स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई और भगदड़ मच गई। लेकिन प्रशासन ने फिर कई रास्तों को खोला और भीड़ को डायवर्ट किया। जिसके चलते स्थिति नियंत्रण में आई है। 

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