मुरादाबाद : कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं, इसका इलाज संभव
मुरादाबाद। गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कॉलेज में कुष्ठ रोग जागरूकता पखवाड़े के अन्तर्गत शुक्रवार को कुष्ठ रोग उन्मूलन पर संगोष्ठी आयोजित किया गया। जिसका प्रारंभ प्राचार्या प्रो. चारु मेहरोत्रा और जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ भास्कर अग्रवाल ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
प्राचार्या प्रो चारु मेहरोत्रा ने कहा कि एक समय था जब कुष्ठ रोगियों को घृणा की दृष्टि से देखा जाता था। लेकिन धीरे-धीरे मेडिकल साइंस ने कुष्ठ रोग के कारणों का पता लगाकर यह सिद्ध कर दिया कि कुष्ठ रोग कोई कलंक नहीं है बल्कि इस रोग के उत्पन्न होने के मेडिकल कारण है। यदि हम अंधविश्वास की तरफ ना जाकर कुष्ठ रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें तो इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं आज विश्व में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ी है लेकिन अभी भी देश के पिछड़े इलाकों में जहां अभी भी अंधविश्वास है ,कुष्ठ रोग को एक कलंक के रूप में ही देखा जाता है । इसलिए महाविद्यालय की छात्राओं और हम सब का यह कर्तव्य है कि कुष्ठ रोगों के प्रति जागरूकता फैलाएं ।
जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. भास्कर अग्रवाल ने छात्राओं को कुष्ठ रोग के कारण उनके लक्षणों और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह रोग कभी-कभी कान पर गांठों या ऐसे घावों के होने से होता है जिसमें रोगियों को दर्द नहीं होता यदि इसका उपचार नहीं किया जाता तो यही कुष्ठ रोग हो जाता है। यह रोग छूत का रोग नहीं है । यह माइकोबैक्टेरियम लैप्री और माइकोबैक्टेरियम लेप्रो मेट्रोसिस बैक्टीरिया के कारण होता है । इसका उपचार संभव है।
डॉक्टर भास्कर ने छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान भी किया । साथ ही यह भी बताया कि मल्टी ड्रग थेरेपी( एमडीटी) से इस रोग का उपचार पूर्णता संभव है । यह थैरेपी सभी सरकारी चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है।यह उपचार बिल्कुल मुफ्त है । इसलिए जैसे ही कुष्ठ रोग से संबंधित लक्षण दिखे तो तुरंत जांच करा लें जिसका उपचार हो सके।
उप प्राचार्या डॉ.अंजना दास ने छात्राओं को बताया हम सब में यह भ्रांति फैली हुई यह रोग कुष्ठ रोगियों को स्पर्श करने से फैलता है। छात्राओं को इसके प्रति जागरूक होना होगा कि यह रोग स्पर्श करने से नहीं फैलता है। कार्यक्रम में कुष्ठ रोग पर नारा लेखन प्रतियोगिता भी हुई जिसमें अलीशा को प्रथम, ऐमन को द्वितीय तथा शाज़ली को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में चीफ प्रॉक्टर प्रो. कविता भटनागर भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन वनस्पति विज्ञान प्रभारी डॉ. रेनू शर्मा तथा रसायन विज्ञान प्रभारी डॉ सविता अग्रवाल ने किया। आयोजन में जंतु विज्ञान की प्रवक्ता गुलबहार का विशेष सहयोग रहा।
ये भी पढे़ं : मुरादाबाद : छजलैट से बिजनौर जिले की सीमा तक 10 मीटर चौड़ी होगी सड़क, जल्द शुरू हो जाएगा रोड का निर्माण कार्य
