चित्रकूट में गलत वरासत करने पर ‘लेखपाल’ सस्पेंड: बिना ज्यादा पूछताछ किए जारी किया था मृत्यु प्रमाणपत्र

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चित्रकूट, अमृत विचार। उप जिलाधिकारी पूजा साहू ने गलत वरासत दर्ज करने के आरोप में सीतापुर रूरल के लेखपाल आलोक कुमार को निलंबित कर दिया है। आलोक पर बिना ज्यादा पूछताछ और खोजबीन किए मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप है।

दरअसल, मामला यह है कि कल्लू उर्फ कुन्नू कुशवाहा पुत्र रामधनी  निवासी सीतापुर रूरल ने उप जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि लेखपाल ने उसकी मौत का फर्जी प्रमाणपत्र जारी करके दूसरे के नाम गलत वरासत दर्ज कर दी है। जिस व्यक्ति के नाम पर वरासत दर्ज की गई, वह गैरबिरादरी का है। एसडीएम ने इस संबंध में नायब तहसीलदार कर्वी द्वारा वरासत संबंधी 22 अक्टूबर 24 को पारित आदेश का क्रियान्वयन अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया था और पुनः सुनवाई के लिए तिथि नियत की थी। 

साथ ही नायब तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बताया कि नायब तहसीलदार की जांच आख्या से यह स्पष्ट हुआ कि आलोक कुमार लेखपाल मौजा सीतापुर रूरल,  तहसील कर्वी ने स्थानीय व्यक्तियों से पूछतांछ, बयान आदि प्राप्त किए बिना वादी द्वारा उपलब्ध कराए गए मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर न्यायालय में जांच रिपोर्ट दाखिल की गई है। इसके लिए क्षेत्रीय लेखपाल को प्रथमदृष्ट्‌या दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। 

बताया कि तहसीलदार कर्वी को आगे की जांच की जिम्मेदारी दी गई है और 15 दिवस के अंदर जांच आख्या प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। हालांकि पूरे मामले में नायब तहसीलदार पर कोई कार्रवाई न होने से प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है।

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