लखनऊ: परिवहन मंत्री से मिले दीपक मिश्र, कहा - भारतीय भाषा में हो गाड़ियों का नंबर प्लेट

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लखनऊ, अमृत विचार। संयुक्त राष्ट्र हिंदी जन अभियान के अध्यक्ष व समाजवादी चिंतक दीपक मिश्र ने उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात कर सभी गाड़ियों में एक नंबर प्लेट हिंदी अथवा किसी एक भारतीय भाषा में होने के लिए ज्ञापन सौंपा। परिवहन मंत्री ने सकारात्मक और सार्थक संकेत देते हुए हिंदी और भारतीय भाषाओं के सशक्तिकरण को लोकधर्म बताया और आश्वस्त किया कि शीघ्रातिशीघ्र समुचित कार्यवाही की जाएगी । हिंदी में क्रमांक पट्टिका लगवाने वाली गाड़ियों का नंबर प्लेट के कारण चालान न करने का विभागीय सर्कुलर जारी कर दिया जाएगा, ताकि कोई भ्रम न रहे । 

दीपक के अनुसार हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की प्रतिनिधि हिंदी दुनिया की तीसरी, एशिया की दूसरी और भारत की सबसे बड़ी भाषा है जिसकी लिपि देवनागरी है । उत्तर प्रदेश हिंदी का हृदय स्थल है , लेकिन यहां एक भी  गाड़ी का नंबर हिंदी अथवा देवनागरी में नहीं मिलता जबकि पड़ोसी देश नेपाल में लगभग सभी गाड़ियों की नंबर पट्टिका देवनागरी में मिलती है । मिश्र ने कहा कि हमारी मांग संविधान के भाग 17 में वर्णित 343, 344 व 351 अनुच्छेद के अनुकूल है , इससे भारतीयता और हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाओं की गुणात्मक शक्ति मिलेगी और लोकभाषाओं के मजबूत होने से ही लोकतंत्र ताकतवर होगा ।  बांग्लाभाषी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने तेलुगुभाषी आसिफ आबिद हसन सफरानी के साथ मिलकर आजादी के हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं को मजबूत करने का अभियान चलाया था , इसी काम को स्वतंत्रता के बाद लोहिया ने मराठी मधु लिमए, तेलुगुभाषी बद्री विशाल पित्ती सदृश नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ाया । 

उल्लेखनीय है कि दीपक जिस लाल एक्टिवा से चलते हैं , उसका एक नंबर प्लेट हिंदी में अंकित है, जिसके कारण एक बार चालान कट चुका है । ज्ञापन देने वालों में श्री मिश्र के साथ लुआक्टा के अध्यक्ष प्रो. मनोज पांडे, वनस्पतिविद प्रो. विक्रम सिंह, समाजसेवी अंबुज राय, यदु न्यास  के महासचिव गौरव चौधरी, प्रतीक  राय, अवनीश तिवारी के नाम प्रमुख हैं ।

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