बरेली: टेंडर के फेर में अटकी है वाहनों की स्मार्ट आरसी
अमृत विचार, बरेली। दिल्ली, हरियाणा समेत तमाम प्रदेशों में स्मार्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) का सिस्टम लागू हो चुका है मगर यूपी में इसका कोई ओर-छोर दिखाई नहीं दे रहा है। अधिकारियों की मानें तो यहां टेंडर ही फाइनल नहीं हो पा रहा है जबकि कोशिश पिछले कई वर्षों से की जा रही है।सहायक संभागीय परिवहन …
अमृत विचार, बरेली। दिल्ली, हरियाणा समेत तमाम प्रदेशों में स्मार्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) का सिस्टम लागू हो चुका है मगर यूपी में इसका कोई ओर-छोर दिखाई नहीं दे रहा है। अधिकारियों की मानें तो यहां टेंडर ही फाइनल नहीं हो पा रहा है जबकि कोशिश पिछले कई वर्षों से की जा रही है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आरपी सिंह का कहना है कि बीते करीब चार-पांच वर्षों से लगातार बरेली में भी स्मार्ट आरसी को लेकर कवायद चल रही है मगर टेंडर फाइनल न होने के चलते योजना पर ग्रहण लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में कई बार टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है मगर हर बार कोई न कोई नया पेच उस टेंडर में अटक जाता है। इस वजह से टेंडर निरस्त करना पड़ता है। पिछले चार वर्षों में करीब पांच बार टेंडर डाले जा चुके हैं मगर हर बार एक कंपनी को टेंडर मिलने के बाद विरोधी कंपनी कोर्ट चली जाती है। आरोप होता है कि टेंडर के नियम और शर्तों में गोलमाल करके चहेतों को दे दिया गया है। इसकी वजह से कई बार टेंडर निरस्त किए जा चुके हैं।
क्या होती है स्मार्ट आरसी
नए वाहनों के पंजीकरण के समय वाहन स्वामियों को कागज का ही रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) दिया जाता है। स्मार्ट आरसी बिल्कुल स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) की तरह ही होती है। इसमें भी कागज की जगह एक चिप वाला कार्ड दिया जाता है जिसमें क्यूआर कोड के साथ-साथ गाड़ी का नंबर समेत सभी जानकारियां होती हैं। यह आरसी न तो फटती है और न ही इस पर पानी का कोई असर पड़ता है। इस वजह से यह कागज की आरसी के मुताबिक ज्यादा बेहतर मानी जाती है।
कागज वाली आरसी रखने में आती है समस्याएं
लोगों की मानें तो उन्हें कागज वाली आरसी रखने में ज्यादा समस्या आती है। वह जेब में रखने से खराब भी हो जाती है और भीगने पर उसके फटने का भी डर रहता है। इसके बाद वाहन स्वामियों को दोबारा से डुप्लीकेट आरसी बनवानी पड़ती है जिससे कागज और रकम दोनों का नुकसान होता है। हालांकि, आरटीओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता का कहना है कि अब यूपी में भी स्मार्ट आरसी की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है।
