धीरे-धीरे बढ़ने लगा हवा का प्रदूषण, देश के दूषित शहरों में मुरादाबाद आठवें नंबर पर
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में हवा की गुणवत्ता खराब होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दिवाली के बाद तीसरे चक्र में यहां हवा में जीवन को नुकसान पहुंचाने वाला तत्व बढ़ा पाया गया है। इससे लोगों में सांस और त्वचा संक्रमण के मरीज बढ़ने की संभावना बढ़ गयी है। देश स्तर …
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में हवा की गुणवत्ता खराब होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दिवाली के बाद तीसरे चक्र में यहां हवा में जीवन को नुकसान पहुंचाने वाला तत्व बढ़ा पाया गया है। इससे लोगों में सांस और त्वचा संक्रमण के मरीज बढ़ने की संभावना बढ़ गयी है। देश स्तर पर की गई पड़ताल में मुरादाबाद आठवें प्रदूषित शहर में बना हुआ है। वायु गुणवत्ता खराब होने से शाम को शहरी क्षेत्र में घुप्प अंधेरा छा गया।
पखवारे भर से शहर की हवा की गुणवत्ता खराब होने से मुरादाबाद चर्चा में बना हुआ है। प्रशासन को इस बात का डर था कि अबकी दिवाली यहां लोगों को और दिक्कत थोप सकती है। क्योंकि बीते साल शहर दिवाली के दूसरे दिन शहर की एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) पांच सौ के पार हो गयी थी। इस साल भी दिवाली के दिन पहले तक शहर की वायु गुणवत्ता चार सौ के करीब थी। इस बीच राष्ट्रीय हरित अधिकरण(एनजीटी) ने दिल्ली और एनसीआर के साथ 13 और जिलों में दिवाली पर पटखा की बिक्री और प्रयोग रोक दिया था। उसका कुछ लाभ भी हुआ और मौसम ने भी साथ दिया।
दिवाली के बाद शहर की हवा ठीक रही, लेकिन उसके बाद से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। लोग इसके लिए दिवाली के बाद सड़कों के किनारे कचरा जलाये जाने और बीच शहर में धधकने वाली भठ्ठियों को कारण बता रहे हैं। उधर, गुरुवार को जिला अस्पातल में 270 मरीजों का इलाज हुआ। उसमें करीब 10 प्रतिशत सांस के रोगी मिले। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार का कहना है कि सर्दी और प्रदूषण की वजह से अभी दमा और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ेगी।
देश के दूषित हवा वाले प्रमुख शहर
शहर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)
हिसार 325
ग्रेट नोयडा 316
गाजियाबाद 302
दिल्ली 279
आगरा 265
फरीदाबाद 260
जींद 254
मुरादाबाद 239
ग्वालियर 230
लखनऊ 138
(एक्यूआई स्रोत- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की साइट)
यह है वायु गुणवत्ता सूचकांक का मानक
000-50 अच्छा
051-100 संतोषजनक
101- 200 मध्यम
201- 300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर
इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। मौसम की वजह से प्रदूषण प्रभावी हो रहा है। ऐसे हलात से निपटने के लिए सभी को प्रयास करना होगा। पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयास जरूरी हैं। इससे अधिक दिक्कत वाहनों के धुआं से आ रही है। इसीलिए सरकार ईंधन के प्रयोग को लेकर गंभीर है। दिल्ली, एनसीआर से सटे मुरादाबाद में हवा की गुणवत्ता पता करने वाला स्टेशन भी शहर को रेड जोन में रखने के लिए जिम्मेदार है। इसलिए दो और केंद्रों की स्थापना की जानी है।- विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
