लखनऊ: भिक्षा से शिक्षा की ओर बढ़ाएं कदम, बनें कलेक्टर, भिक्षावृत्ति में लगे परिवारों से डीएम ने किया संवाद

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खंड विकास अधिकारी को दिए निर्देश कि बस्ती में जिनके आवास नहीं है उनका सर्वे कराकर प्रधानमंत्री आवास योजना में कराएं आवेदन

लखनऊ, अमृत विचार। भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को शिक्षा की ओर ले जाने का संकल्प जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर में साफ दिखाई पड़ रहा है। जिलाधिकारी बुधवार को मोहनलालगंज तहसील के ग्राम भजाखेड़ा पहुंचे और भिक्षावृत्ति में लगे परिवारों से संवाद किया। संवाद के दौरान कहा कि यहां के बच्चे भी अपने जीवन में शिक्षा की अलख जगाएं और कलेक्टर, इंजीनियर एवं डाक्टर बनें।

इस दौरान डीएम ने कहा कि जब मैं 35 वर्ष बाद यहां आऊं तो मुझे इन बच्चों में से कोई कलेक्टर बना मिलना चाहिए। जिलाधिकारी को खंड विकास अधिकारी ने बताया कि भजाखेड़ा में भिक्षावृत्ति में लगे 126 परिवारों को चिह्नित किया गया है। सभी परिवारों का सर्वे कराते हुए उनको सरकारी की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। जिलाधिकारी ने बस्ती का भी भ्रमण किया गया। 

बस्ती के भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए कि उक्त बस्ती में जिनके आवास नहीं है उनका सर्वे करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना से आवास और बस्ती के सभी परिवारों का शौचालय निर्माण के लिए आवेदन कराया जाए। जल निकासी के लिए यदि ड्रेन की आवश्यकता हो तो क्रिटिकल गैप से ड्रेन और मनरेगा से सोक पीट बनवाया जाए। ग्राम में ही भूमि चिह्नित करते हुए एक कम्युनिटी सेंटर बनवाया जाए।

बच्चों का किया जाए टीकाकरण

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्ती में बच्चों का टीकाकरण किया जाए। साथ ही पात्रों को पेंशन योजना का लाभ दिलाया जाए। अपर आयुक्त श्रम ने लेबर कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के बारे में बताया। सीडीओ ने बताया कि बस्ती के 70 बच्चों को बाल सेवा योजना से जोड़ा गया है। 1 समूह का गठन करते हुए 20 महिलाओं की ट्रेनिंग आरसेटी में चल रही है।

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