कोरोना की वजह से अपने ही शहर में प्रवेश की चाह
अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल में लोग इतने परेशान हुए कि अपने शहर से वापस ही नहीं जाना चाहते हैं। दिल्ली समेत दूसरे शहरों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ भी ऐसा ही है। कोरोना की वजह से विद्यार्थी अपने ही शहर में प्रवेश की चाह रख रहे हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) जैसे बड़े …
अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल में लोग इतने परेशान हुए कि अपने शहर से वापस ही नहीं जाना चाहते हैं। दिल्ली समेत दूसरे शहरों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ भी ऐसा ही है। कोरोना की वजह से विद्यार्थी अपने ही शहर में प्रवेश की चाह रख रहे हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) जैसे बड़े विश्वविद्यालय में पढ़ाई छोड़कर रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रवेश ले रहे हैं। एमएससी की काउंसिलिंग में इसी तरह के कई विद्यार्थी पहुंच रहे हैं।
विश्वविद्यालय में एमएससी की काउंसिलिंग चल रही है। अभी तक रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और जंतु विज्ञान की काउंसिलिंग हो चुकी है। शुक्रवार को गणित की पहले दिन की काउंसिलिंग हुई जिसमें 183 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। गणित की काउंसिलिंग शनिवार को भी होगी। काउंसिलिंग में सीटें बचने के बाद दूसरी कटऑफ जारी की जाएगी। अभी तक की काउंसिलिंग में कई ऐसे विद्यार्थी आए हैं, जिन्होंने स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ या किसी अन्य विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी की है लेकिन अब वह परास्नातक की पढ़ाई करने वहां नहीं जाना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एमएससी में प्रवेश के लिए एंट्रेस दिया। एंट्रेंस में पास होने के बाद वह काउंसिलिंग में भी पहुंच रहे हैं।
रिजल्ट न आने से परेशानी
एमएससी की काउंसिलिंग में कई ऐसे विद्यार्थी पहुंच रहे हैं जिनके परिणाम अभी जारी नहीं हुए हैं। विश्वविद्यालय ने भी अभी तक बीएससी ऑनर्स का परिणाम जारी नहीं किया है लेकिन एमएससी की काउंसिलिंग खत्म होने वाली है। जिन विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा पास की तो वे प्रवेश के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन रिजल्ट न आने की वजह से दिक्कत हो रही है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय का ही मामला होने के चलते इन विद्यार्थियों को प्रवेश तो दे दिया जा रहा है लेकिन उनके सामने एक शर्त रखी जा रही है। इस शर्त के अनुसार उनका प्रवेश रिजल्ट न आने पर निरस्त कर दिया जाएगा।
इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय समेत कई विश्वविद्यालयों ने परिणाम नहीं जारी किए हैं जबकि एंट्रेस में इन विद्यार्थी ने अच्छी रैंक पायी है। इनके परिणाम न आने की वजह से प्रवेश नहीं हो पा रहे हैं। डीयू की एक छात्रा की प्रवेश परीक्षा में 27वीं रैंक आयी है लेकिन उसका प्रवेश नहीं हो सका। जब विश्वविद्यालय में प्रवेश की सीटें भर जाएंगी तो इन लोगों को कहां से प्रवेश मिलेगा।
