बदायूं: भाई की हत्या के शक में युवक ने साले के साथ मिलकर की थी बंटी की हत्या

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
On

आरोपी ने पहले युवक को पिलाई शराब फिर सुनसान जगह ले जाकर कर दी थी हत्या

उझानी, अमृत विचार। उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव हजरतगंज क्षेत्र में बगिया में एक युवक का शव पड़ा मिला था। युवक की हत्या उसके कस्बा निवासी युवक ने अपने भाई की हत्या के शक में अपने साले के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया है। एक आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा। एसपी देहात डॉ. केके सरोज ने सीओ सिटी शक्ति सिंह के साथ हत्याकांड का खुलासा किया। 

गांव हजरतगंज के पास चकरोड किनारे सरसों के खेत में युवक का शव मिलने पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए थे। युवक के हाथ पर बंटी लिखा था। गर्दन पर नीले निशान थे। अगले दिन युवक की शिनाख्त थाना कादरचौक क्षेत्र के कस्बा निवासी बंटी उर्फ पिंटू पुत्र भगवान दास के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने, नुकीले हथियार से वार करके हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच के अंतर्गत कस्बा कादरचौक निवासी इंद्रपाल पुत्र मुनेंद्र राठौर और उसके साले प्रदीप का नाम सामने आया। पुलिस ने सोमवार सुबह लगभग पौने 10 बजे बरेली-मथुरा राजमार्ग के बसोमा मोड़ से मुनेंद्र राठौर को बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल पेंचकस बरामद कर लिया। खुलासा करने वालों में नीरज कुमार, उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह, हेड कांस्टेबिल अजय कुमार व कांस्टेबिल नीशू कुमार रहे।

प्लाट पर ले जाकर पिलाई शराब फिर कर दी हत्या
पुलिस की पूछताछ में आरोपी इंद्रपाल ने हत्या करने की बात कबूल की। बताया कि तकरीबन पांच-छह महीने पहले उसके छोटे भाई रामगोपाल गांव सिमरा के पास सड़क हादसे में घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। हादसे के समय बंटी का छोटा भाई लखनलाल व मोहल्ला का एक अन्य युवक साथ था। हादसे में उन दोनों को चोट नहीं आई। घटना के समय रामगोपाल बाइक चला रहा था। बंटी ने बाइक से हादसा होने की बात कही थी जबकि उसके गले पर चोट के निशान थे। गांव में हत्या की चर्चा थी। इसके बाद भी इंद्रपाल के पिता मुनेंद्र ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और भगवान दास से समझौता कर लिया। इंद्रपाल इससे खुश नहीं था। पिता से मतभेद हो गए और वह दिल्ली चला गया। 

तीन साल पहले उसके पिता मुनेंद्र की मौत हो गई। इंद्रपाल के मन में टीस थी कि उसकी भाई की मौत में भगवानदास के बेटों का हाथ है। वह रंजिश मानता रहा लेकिन मेलजोल बनाए रखा। 4 फरवरी को इंद्रपाल अपने साले प्रदीप के साथ बंटी को दावत खिलाने के बहाने बरेली ले जाने की बात कहकर ले गया। बिल्सी रोड स्थित अपने प्लाट पर ले जाकर बंटी को शराब पिलाई। नशे में होने पर सुनसान जगह पर ले जाकर गला दबाकर बंटी की हत्या कर दी। बाइक के टूल बॉक्स से पेंचकस निकालकर गले पर वार करके हत्या कर दी और शव खेत में फेंक दिया था। आरोपी के खिलाफ साल 2010 व 2021 में आबकारी अधिनियम, साल 2022 में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर गई है।

संबंधित समाचार