नैतिक पार्टी को स्थापना दिवस मनाने से प्रशासन ने रोका, पूर्व जज बोले- न्याय के लिए जाएंगे हाई कोर्ट 

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार। नैतिक पार्टी को अपना 17वां स्थापना दिवस समारोह मनाने से रोक दिया गया है। यह सब कुछ मुख्यमंत्री के इशारे पर हुआ है। हमने तो गांधी भवन का हॉल भी बुक करा लिया था, लेकिन हॉल बुक कराने से लेकर आज सुबह तक हमें प्रशासन की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई। आज यानी मंगलवार को सुबह जब पूरे प्रदेश से कार्यकर्ता स्थापना दिवस मनाने लखनऊ स्थित गांधी भवन पहुंचे। उसके बाद प्रशासन ने हमारे सम्मेलन को रोकने का पूरा प्रयास किया है। गांधी भवन का ताला तक नहीं खोलने दिया गया। इसके बाद नैतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने परिसर में बैठकर आंदोलन शुरू कर दिया। यह कहना है नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व न्यायाधीश चंद्र भूषण पाण्डेय का। उन्होंने कहा कि सरकार का यह तरीका बिल्कुल भी उचित नहीं है। इसके खिलाफ हम हाई कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी बातों से मौजूदा सरकार भयभीत है। इसी वजह से हमें स्थापना दिवस मनाने के लिए अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।

नैतिक पार्टी के 17वें स्थापना दिवस पर गांधी भवन परिसर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्र भूषण पाण्डेय, पूर्व न्यायाधीश व राज्यपाल के विधि सलाहकार ने कहा कि पार्टी का आज का सम्मेलन बहुत ही विशेष है क्योंकि इसमें उप्र विधान सभा चुनाव 2027 के लिए पार्टी की दिशा व कार्यक्रम तय किए जाने थे। 2027 के चुनाव में पार्टी नई सोच व नए कार्यक्रम के साथ सभी सीटों से चुनाव लड़ेगी। पार्टी की सोच श्री राम भी है, संविधान भी। भारतीय संस्कृति में श्री राम आदर्श हैं, जो व्यक्ति को आचरण में आदर्श (नैतिकता) स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं, और संविधान अधिकार भी। यह व्यक्ति को सम्मानपूर्ण जीवन जीने का मौलिक अधिकार देता है।

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नीति के साथ होगी राजनीति

पार्टी की सोच है नीति के साथ राजनीति। नीति है संवैधानिक नैतिकता। पार्टी सत्ता में आयेगी या भागीदारी करेगी तो संवैधानिक नैतिकता का अक्षरशः पालन करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सड़ा गला प्रदेश बन चुका है। इसको सुनहरा प्रदेश बनाया जायेगा, जो नए कार्यक्रमों से ही सम्भव है। पार्टी के मुख्य सात बिंदु हैं, जिसमें गांव सरकार, गरीब आयोग, बीसी एण्ड ओसी एक्ट, शराबबंदी, हर घर उत्पादन केन्द्र, गर्भ से शमशान तक अधिकार, प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण। यह सभी संवैधानिक नैतिकता की परिधि में है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि नैतिक पार्टी सबकी पार्टी है, लेकिन ब्राह्मण उसका समर्थन नहीं करते हैं वह भाजपा के साथ हैं। उन्होंने ब्राह्मणों का आह्वान किया कि वह सड़े गले प्रदेश को सुनहरा प्रदेश बनाने में नैतिक पार्टी का समर्थन करें ताकि प्रदेश का हर व्यक्ति खुशहाल हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि ब्राह्मणों द्वारा भाजपा का लगातार 10 सालों से समर्थन के बाद उनकी हैसियत ऐसी नहीं बन पाई है कि उनका कोई नेता आंख मिला कर मुख्यमंत्री से बात कर सके या अफसरों व पुलिस को ब्राह्मणों के विरुद्ध गलत कार्रवाई करने से रोक सके। भाजपा अब यह कहने लगी है कि ब्राह्मणों को सपा, बसपा व कांग्रेस छोड़ चुकी है इसलिए भाजपा को समर्थन देना ब्राह्मणों की मजबूरी है।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रंगनाथ पाण्डेय, हाईकोर्ट के पूर्व जज ने कहा कि संविधान कि बातें सब कर रहे हैं, लेकिन संविधान का पालन कोई नहीं कर रहा है। नैतिक पार्टी द्वारा संवैधानिक नैतिकता को अपनी नीति बनाना तथा उसको अक्षरशः पालन करने का संकल्प प्रदेश को निश्चित ही सुनहरा प्रदेश बनायेगा।

विशिष्ट अतिथि प्रो (डॉ) बिंदा प्रसाद मिश्र, पूर्व कुलपति, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी ने कहा कि संवैधानिक नैतिकता का पालन करके ही सभी नागरिकों के लिए बराबरी, न्याय, सम्मान, चरित्र निर्माण व संपन्नता का सपना पूरा किया जा सकता है। इस अवसर पर पार्टी के महासचिव पंडित राधिका प्रसाद पाण्डेय, डॉ. वी. के. सिंह। राष्ट्रीय पदाधिकारी जे.एन. राय, डॉ. एस.एन. मिश्रा, पयम्बर रजा जैदी, मन्नू यादव, शैलेन्द्र शुक्ल,  बेचू यादव मुकेश कुमार आदि ने अपने विचार रखे। अरूंधती ठाकुर एडवोकेट हाईकोर्ट ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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