लखीमपुर खीरी: माघ पूर्णिमा नहीं...महाशिवरात्रि तक गोकर्ण तीर्थ पर स्नान कर सकेंगे श्रद्धालु

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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गोला गोकर्णनाथ, अमृत विचार। शिव मंदिर कॉरिडोर सौंदर्यीकरण के चलते गोकर्ण तीर्थ में पांच माह से जल नहीं भरा जा रहा था। माघ पूर्णिमा का भी स्नान करने का विशेष महत्व है, लेकिन काम अधूरा होने के कारण तीर्थ में जल नहीं भरा गया, अब महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं को स्नान की सुविधा देने और भीड़ को लेकर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष ने व्यवस्थाओं का बीड़ा उठाया है।
 
बुधवार को माघ पूर्णिमा पर गोकर्णतीर्थ में स्नान करने के लिए श्रद्धालु वंचित रह जाएंगे। महाशिवरात्रि पर गोकर्ण तीर्थ में स्वच्छ जल भरने के लिए पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ल रिंकू ने अधिकारियों संग न केवल प्लान तैयार किया बल्कि पौराणिक तीर्थ में जल भरने और अन्य तैयारियां भी चालू कर दी हैं। यूपीपीसीएल की कार्यदायी संस्था नारायण एसोसिएट के मैनेजर एपी सिंह 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व को लेकर बेहद संजीदा हैं। उन्होंने रीना कंसट्रक्शन के अधिकारियों, कर्मचारियों को भी दिशा निर्देश देते हुए उच्च गुणवत्ता के साथ तेजी से गोकर्ण तीर्थ के समतलीकरण, बची हुई सीढ़ियों का निर्माण तेजी से करवाना शुरू कराया है। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि से पहले गोकर्ण तीर्थ का समतलीकरण कराकर उसमें स्वच्छ जल भरवा दिया जाएगा। जिससे कोई श्रद्धालु गोकर्ण तीर्थ में स्नान करने से वंचित न रहे। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि गोकर्ण तीर्थ की सीढ़ियों पर लगने वाला रेड स्टोन महाशिवरात्रि के बाद गोकर्ण तीर्थ का पुनः जल निकलवाकर साफ सफाई के बाद लगवाने का काम भी तेजी से शुरू कराया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि इस समय प्राथमिकता से महाशिवरात्रि पर्व को ध्यान में रखते हुए गोकर्ण तीर्थ के सौंदर्यीकरण, समतलीकरण का कार्य कराया जा रहा है। पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ल रिंकू ने बताया कि बुधवार को माघ पूर्णिमा पर्व पर किसी भी श्रद्धालु को दर्शन, पूजन में कोई परेशानी न हो इसके लिए मंदिर परिसर की विशेष साफ सफाई करा दी गई है। यूपीपीसीएल के अधिकारियों से शिव मंदिर जाने वाले मार्ग का समतलीकरण, ठीक कराने को कहा गया है। माघ पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का एक अलग ही महत्व है। पौराणिक शिव मंदिर आने वाले श्रद्धालु इस बार गोकर्ण तीर्थ के जल में स्नान नहीं कर सकेंगे। स्नान पूजन आदि के लिए पालिका ने अतिरिक्त टोटी लगवाकर जल की पर्याप्त व्यवस्था कराई।

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