Kanpur: सोने का 88 रुपये से 88 हजार तक सुहाना सफर, ट्रंप के नए टैरिफ एलान से सोने ने दिखाए तेवर, जल्द पहुंच सकता है एक लाख के पार

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Edited By Amrit Vichar
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शैलेश अवस्थी, कानपुर। 1947 में जब देश आजाद हुआ था तो सोना 88 रुपये का 10 ग्राम था, जो 77 साल में 88 हजार पार कर गया है। सराफा कारोबारियों के अनुसार जल्दी ही कीमतें 90 हजार से ऊपर निकलकर साल के अंत तक एक लाख तक पहुंच सकती हैं। मौजूदा तेजी को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के नया टैरिफ लगाने की घोषणा का प्रभाव माना जा रहा है।  टैरिफ वार नहीं रुका तो सोने के दाम और तेजी से ऊपर चढ़ेंगे। 

सोने की चाल पर नजर डालें तो साफ है कि इसे खरीदने और निवेश में हमेशा ही समझदारी है।  15 दिन पहले 82 हजार रुपये 10 ग्राम वाला सोना अब 88 हजार पर है। अगर एक साल पहले सोना खरीदा है तो 18 प्रतिशत से ज्यादा फायदा दे चुका है। उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के प्रदेश मंत्री रामकिशोर मिश्र ने बताया कि ट्रंप के नया टैरिफ लगाने की घोषणा, घरेलू बाजार में मांग बढ़ने और सहालग सीज़न के कारण सोने के दाम बढ़ रहे हैं। लोग जोखिमपूर्ण संपत्तियों से पैसा निकलकर सोने में निवेश कर रहे हैं। आभूषण कारोबारी श्रेयांश कपूर का अनुमान है कि वह दिन दूर नहीं जब सोना एक लाख की कीमत पार कर लेगा। 

इस तरह बढ़ी प्रति 10 ग्राम कीमत

वर्ष 1947 में 88, 1950 में 99, 1960 में 111, 1970 में 184, 1980 में 1330, 1990 में 3200, 2000 में 3700, 2010 में 18500, 2020 में 48650 और अब 2025 में 88 हजार रुपये। 

प्लेटिनम को भी पीछे छोड़ दिया...

एक समय प्लेटिनम सोने से बहुत ज्यादा दाम पर बिकता था, लेकिन अब सोना कीमत के मामलों में प्लेटिनम से बहुत आगे निकल गया है। वर्ष 2000 में सोना 4400 रुपये (10 ग्राम) था, तो प्लेटिनम 23664 रुपये का 10 ग्राम था। अब प्लेटिनम 25990 रुपये का 10 ग्राम है तो सोना 88 हजारी।  सोने के साथ चांदी के दाम भी बढ़े हैं, लेकिन सोना तो सोना ही है, सोने के आगे हर धातु फीकी है।

लाइटवेट ज्वैलरी की मांग बहुत ज्यादा

सोने की कीमतों में भारी उछाल के चलते बाजार में लाइटवेट डिजाइनर ज्वैलरी की मांग काफी बढ़ गई है। 10 ग्राम का सेट (हार, टॉप्स और अंगूठी ) मिल जाएगा। बड़े पैमाने पर लोग पुरानी, पुश्तैनी, ठोस ज्वैलरी बेचकर लाइटवेट आभूषण खरीद रहे हैं।

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