Prayagraj News : गवाह सुरक्षा योजना के तहत गवाह को सुरक्षा प्रदान करना कानूनी दायित्व
Prayagraj, Amrit Vichar : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के 42 वर्षीय अधिवक्ता के हत्यारोपीयों से मृत अधिवक्ता की पत्नी को संरक्षित करने हेतु गवाह संरक्षण योजना, 2018 के तहत संरक्षण प्रदान करने का निर्देश दिया है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति नंदप्रभा शुक्ला की एकल पीठ ने कविता चौधरी की याचिका का निस्तारण करते हुए पारित किया। याचिका में याची द्वारा गाजियाबाद के अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में लंबित मामले की सुनवाई अलीगढ़ के किसी अन्य सक्षम न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग की थी।
याची के अनुसार मामले में आरोपी अधिवक्ता हैं और याची गरीब विधवा होने के कारण अपना मुकदमा लड़ने के लिए कोई सक्षम अधिवक्ता नहीं ढूंढ़ पा रही है। आरोपी नितिन डगर द्वारा उसे जेल से धमकियां भी मिल चुकी है और जेल के बाहर सह आरोपी अमित डगर तथा अनुज उर्फ पालू ने भी उसे धमकियां दी है, जिस कारण उसे अपने पिता विजय सिंह और भाई दिनेश सिंह के जीवन पर खतरा दिख रहा है, इसलिए उसने सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने के लिए पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क किया था।
मालूम हो कि कोर्ट ने संबंधित पीठासीन अधिकारी से जिला न्यायाधीश गाजियाबाद द्वारा समर्थित रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें कोर्ट को बताया गया कि आवेदक को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जा रही है। कोर्ट ने यह भी पाया कि याची ने आरोपियों से खतरे की कोई वास्तविक आशंका रिकॉर्ड पर नहीं रखी है, लेकिन न्याय के हित में और पक्षकारों की सुविधा को देखते हुए कोर्ट ने गवाहों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। बता दें कि वर्ष 2023 में 42 वर्षीय अधिवक्ता मनोज कुमार चौधरी की उनके चेंबर में घुसकर दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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